{"_id":"5f0f4bfb8ebc3e63ab02b5b7","slug":"book-banks-will-be-opened-in-inter-colleges-on-the-lines-of-colleges-unnao-news-knp5713878132","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नाव: महाविद्यालयों की तर्ज पर इंटर कॉलेजों में खोली जाएंगी बुक बैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नाव: महाविद्यालयों की तर्ज पर इंटर कॉलेजों में खोली जाएंगी बुक बैंक
विज्ञापन
उन्नाव। छात्रों की सुविधा के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों में बुक बैंक खोला जाएगा। इसमें सीनियर छात्र कक्षा पास करने के बाद अपनी किताबें जमा करेंगे। वही किताबें बाद में जूनियर छात्रों को पढ़ने के लिए दी जाएंगी। बुक बैंक में किताबों को डोनेट करने भी सुविधा होगी। अगर कोई समाजसेवी छात्रों के लिए किताबें डोनेट करना चाहेगा तो वह भी कर सकेगा। बुक बैंक में एनसीआरटी की किताबों को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।
महाविद्यालयों की तर्ज पर अब जिले में संचालित सरकारी इंटर कॉलेजों में भी अब लाइब्रेरी होगी। इंटर कॉलेजों में पहली बार इस सुविधा का लाभ छात्रों को मिलेगा। सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को अभी तक किताबें खरीदकर पढ़नी पढ़ती थीं। इसमें कई ऐसे छात्र होते थे जो नई किताबें खरीद पाने में अक्षम होते थे और वह अपने सीनियर से कम दामों में वही किताबें खरीदकर पढ़ाई कर लेते थे।
अब उन्हें यह नहीं करना पड़ेगा। हर सरकारी कॉलेज में बुक बैंक होगा। जिसमें सिलेबस से संबंधित हर तरीके की किताबें होंगी। छात्र अपने आई कार्ड दिखाकर किताबें लेकर सिलेबस तैयार करेगा। इसके लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित समय पर किताबों को वापस करना होगा ताकि दूसरे छात्रों को भी इसका लाभ मिल सके। जिले में 37 राजकीय व 58 सहायता प्राप्त स्कूल संचालित हैं। जिनमें यह लाइब्रेरी खोली जाएगी।
विज्ञापन
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि सीनियर छात्र तो किताबें जमा ही करेंगे। साथ ही किताबों को डोनेट करने की भी सुविधा होगी। जो समाजसेवी छात्रों के लिए किताबें डोनेट करना चाहेगा वह भी आगे आकर किताबों को बुक बैंक में दे सकता है।
विज्ञापन
महाविद्यालयों की तर्ज पर अब जिले में संचालित सरकारी इंटर कॉलेजों में भी अब लाइब्रेरी होगी। इंटर कॉलेजों में पहली बार इस सुविधा का लाभ छात्रों को मिलेगा। सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को अभी तक किताबें खरीदकर पढ़नी पढ़ती थीं। इसमें कई ऐसे छात्र होते थे जो नई किताबें खरीद पाने में अक्षम होते थे और वह अपने सीनियर से कम दामों में वही किताबें खरीदकर पढ़ाई कर लेते थे।
विज्ञापन
अब उन्हें यह नहीं करना पड़ेगा। हर सरकारी कॉलेज में बुक बैंक होगा। जिसमें सिलेबस से संबंधित हर तरीके की किताबें होंगी। छात्र अपने आई कार्ड दिखाकर किताबें लेकर सिलेबस तैयार करेगा। इसके लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित समय पर किताबों को वापस करना होगा ताकि दूसरे छात्रों को भी इसका लाभ मिल सके। जिले में 37 राजकीय व 58 सहायता प्राप्त स्कूल संचालित हैं। जिनमें यह लाइब्रेरी खोली जाएगी।
विज्ञापन
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि सीनियर छात्र तो किताबें जमा ही करेंगे। साथ ही किताबों को डोनेट करने की भी सुविधा होगी। जो समाजसेवी छात्रों के लिए किताबें डोनेट करना चाहेगा वह भी आगे आकर किताबों को बुक बैंक में दे सकता है।