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बीडीसी के पिता ने गोली मारकर जान दी
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मृतक विष्णुपाल का फाइल फोटो।
- फोटो : UNNAO
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चकलवंशी। माखी थाना क्षेत्र के मेथीटीकुर गांव में बीडीसी के पिता ने अपनी लाइसेंसी बंदूक अपनी गर्दन में सटाकर गोली मार ली। जिला अस्पताल से कानपुर ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजनाें ने मानसिक बीमारी के कारण डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने की तहरीर पुलिस को दी है।
बीडीसी अजीत सिंह के पिता विष्णुपाल सिंह उर्फ छुन्ना सिंह (56) सोमवार सुबह 10:30 बजे छत पर अपनी लाइसेंसी एक नाली बंदूक लेकर पहुंचे और गर्दन में सटाकर खुद को गोली मार ली। फायर की आवाज सुन परिजन भागकर छत पर पहुंचे तो विष्णुपाल को खून से लथपथ छटपटाता देखा।
आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गोली जबड़े को चीरते हुए सिर से निकल गई। विष्णुपाल की मौत की सूचना पर परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। एसओ पवन कुमार सोनकर ने मौके पर पहुंचकर जांच की और लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लिया। सीओ कृपाशंकर ने बताया कि मृतक के भाई जयपाल ने 20 साल से मानसिक बीमार होने से डिप्रेशन में आत्महत्या की तहरीर दी है।
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पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे
मृतक कृष्णपाल पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे। भाई धर्मपाल सिंह, जयपाल सिंह व राजू सिंह, दो बेटे सुजीत सिंह व अजीत सिंह का रोकर बुरा हाल है। डेढ़ वर्ष पूर्व पत्नी शशि सिंह की बीमारी से मौत हो गई थी। पहले मां फिर पिता की मौत से दोनों बेटे बेहाल हैं।
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बीडीसी अजीत सिंह के पिता विष्णुपाल सिंह उर्फ छुन्ना सिंह (56) सोमवार सुबह 10:30 बजे छत पर अपनी लाइसेंसी एक नाली बंदूक लेकर पहुंचे और गर्दन में सटाकर खुद को गोली मार ली। फायर की आवाज सुन परिजन भागकर छत पर पहुंचे तो विष्णुपाल को खून से लथपथ छटपटाता देखा।
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आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गोली जबड़े को चीरते हुए सिर से निकल गई। विष्णुपाल की मौत की सूचना पर परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। एसओ पवन कुमार सोनकर ने मौके पर पहुंचकर जांच की और लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लिया। सीओ कृपाशंकर ने बताया कि मृतक के भाई जयपाल ने 20 साल से मानसिक बीमार होने से डिप्रेशन में आत्महत्या की तहरीर दी है।
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पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे
मृतक कृष्णपाल पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे। भाई धर्मपाल सिंह, जयपाल सिंह व राजू सिंह, दो बेटे सुजीत सिंह व अजीत सिंह का रोकर बुरा हाल है। डेढ़ वर्ष पूर्व पत्नी शशि सिंह की बीमारी से मौत हो गई थी। पहले मां फिर पिता की मौत से दोनों बेटे बेहाल हैं।