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बारिशः कुछ चेहरे खिले तो कुछ बुझे
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:29 AM IST
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मंगलवार को लगातार हुई बारिश से किसी किसान के चेहरे खिले नजर आए तो किसी के बुझे। आज हुई बारिश से जहां गेहूं की फ सल को फायदा मिलेगा।
वहीं पूर्व में बो चुके और खड़ी सरसों की फ सल बोने वाले किसानों के लिए बारिश नुकसान दायक है। हालांकि हाल में सरसों की बुआई करने वाले किसानों को बारिश का अधिक असर नहीं झेलना पड़ेगा।
शुक्लागंज के देवारा कलां, शंकरपुर, सराय, पिंडोखा, घोंघी, महदिनवा, निहाल खेड़ा, हाजीपुर, अगेहरा आदि गांवों में सरसों और गेहूं फ सल की भरमार रहती है।
हालांकि अन्य दलहनी फ सलों को भी किसान बोते है। बीते कुछ दिनों से लगातार पाला गिरने से पहले से ही सरसों की बुआई कर चुके किसान परेशान थे। मंगलवार को हुई बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
कन्हवापुर गांव के किसान सनोज यादव, मनोज, मुकेश, दुल्लर ने बताया कि जिन किसानों की सरसों की फ सल खड़ी है और उनके फू ल खिल चुके हैं, उनके लिए पाला और पानी दोनों ही नुकसानदेह है। वहीं गेहूं की फ सल के लिए बारिश अमृत सामान है।
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बताया कि आलू की फ सल को भी झुलसा रोग लगने का डर बना रहता है। यही हाल मटर, चना की फ सलों में देखने को मिल रहा है।
बारिश के साथ सर्द हवाओं ने बढ़ा दी ठिठुरन- शुक्लागंज। मौसम ने अपना मिजाज फि र बदल दिया। अचानक बारिश के साथ सर्द हवाएं तेज हो र्गइ, जिसका असर आम जनमानस में देखने को मिला।
पूरे दिन सूर्य देव नहीं निकले, जिससे लोगों के हांड़ तक कांप गए। मौसम का उतार-चढ़ाव का सिलसिला दिनभर इसी तरह से चलता रहा।
वहीं बारिश के कारण नगर के राजधानी मार्ग, कंचन नगर, पोनी रोड, डाकतार कालोनी, बिंदा नगर, रहमत नगर, अहमद नगर मोहल्लों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी रही। गंगाघाट के ग्रामीण क्षेत्र बसधना, कल्लूपुरवा, निहालखेड़ा, अगेहरा सहित अन्य गांवों में भी अधिक बारिश हुई।
मौसम के जानकारों की मानी जाए तो अगले कुछ दिनों तक इसी तरह से मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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वहीं पूर्व में बो चुके और खड़ी सरसों की फ सल बोने वाले किसानों के लिए बारिश नुकसान दायक है। हालांकि हाल में सरसों की बुआई करने वाले किसानों को बारिश का अधिक असर नहीं झेलना पड़ेगा।
शुक्लागंज के देवारा कलां, शंकरपुर, सराय, पिंडोखा, घोंघी, महदिनवा, निहाल खेड़ा, हाजीपुर, अगेहरा आदि गांवों में सरसों और गेहूं फ सल की भरमार रहती है।
हालांकि अन्य दलहनी फ सलों को भी किसान बोते है। बीते कुछ दिनों से लगातार पाला गिरने से पहले से ही सरसों की बुआई कर चुके किसान परेशान थे। मंगलवार को हुई बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
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कन्हवापुर गांव के किसान सनोज यादव, मनोज, मुकेश, दुल्लर ने बताया कि जिन किसानों की सरसों की फ सल खड़ी है और उनके फू ल खिल चुके हैं, उनके लिए पाला और पानी दोनों ही नुकसानदेह है। वहीं गेहूं की फ सल के लिए बारिश अमृत सामान है।
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बताया कि आलू की फ सल को भी झुलसा रोग लगने का डर बना रहता है। यही हाल मटर, चना की फ सलों में देखने को मिल रहा है।
बारिश के साथ सर्द हवाओं ने बढ़ा दी ठिठुरन- शुक्लागंज। मौसम ने अपना मिजाज फि र बदल दिया। अचानक बारिश के साथ सर्द हवाएं तेज हो र्गइ, जिसका असर आम जनमानस में देखने को मिला।
पूरे दिन सूर्य देव नहीं निकले, जिससे लोगों के हांड़ तक कांप गए। मौसम का उतार-चढ़ाव का सिलसिला दिनभर इसी तरह से चलता रहा।
वहीं बारिश के कारण नगर के राजधानी मार्ग, कंचन नगर, पोनी रोड, डाकतार कालोनी, बिंदा नगर, रहमत नगर, अहमद नगर मोहल्लों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी रही। गंगाघाट के ग्रामीण क्षेत्र बसधना, कल्लूपुरवा, निहालखेड़ा, अगेहरा सहित अन्य गांवों में भी अधिक बारिश हुई।
मौसम के जानकारों की मानी जाए तो अगले कुछ दिनों तक इसी तरह से मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।