{"_id":"65107ad0cc4e2f6c620135d9","slug":"bangarmau-bus-station-showpiece-for-eight-years-unnao-news-c-221-1-uno1001-3501-2023-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: बांगरमऊ बस स्टेशन आठ साल से शोपीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: बांगरमऊ बस स्टेशन आठ साल से शोपीस
विज्ञापन
बांगरमऊ। कस्बे के पास आठ साल पहले बना बांगरमऊ बस स्टेशन अनुपयोगी ही है। विभिन्न रूटों पर चलने वाली 30 से अधिक बसें रोजाना बांगरमऊ में रुकती हैं। चालक, बसों को कस्बे के मुख्य मार्ग पर रोक कर सवारियां बैठाते हैं। इससे दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है।
बांगरमऊ कस्बे में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए आठ साल पहले वर्ष 2015 में कस्बा के पास बांगरमऊ बाईपास मार्ग पर तीस लाख की लागत से बस स्टेशन का निर्माण कराया गया था। एक टिकट घर, यात्रियों को बैठने के लिए टिनशेड, रोशनी के लिए लाइटें आदि के काम हुए थे। लेकिन अब तक न तो इसका संचालन शुरू हो पाया और न ही परिवहन विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारी की तैनाती हो सकी है। देखरेख के अभाव में बस स्टेशन उपयोग में आने से पहले ही जर्जर हो रहा है। यहां यात्रियों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। यहां स्टाफ के नाम पर सिर्फ पहरेदार ही तैनात है।
रोडवेज बसें बस स्टेशन के बजाए बांगरमऊ कस्बे में ही अलग-अलग स्थानों पर खड़ी होकर सवारियां उतारती व बैठाती हैं। बांगरमऊ कस्बा से कानपुर से बरेली, दिल्ली, शाहजहापुर, हरदोई, कानपुर, उन्नाव से दिल्ली आदि रूटों की रूट की रोजाना औसतन 30 बसें कस्बे में रुकती हैं। चालक बसों को कोतवाली गेट से बिल्हौर तिराहे तक अलग-अलग स्थानों पर खड़ी कर सवारियां उतारते और बैठाते हैं। सवारियों के इंतजार में चालक घंटों तक बसों को सड़क पर खड़ा रखते हैं।
विज्ञापन
इससे दिन में कई बार जाम लगता है। ब्लॉक प्रमुख के पति अर्जुन लाल दिवाकर, कस्बा निवासी अनुराग अग्निहोत्री, रविशंकर दीक्षित, सादिक अली अंसारी, डॉक्टर निहाल अहमद, राजेश यादव आदि ने बताया कि बसें सड़क पर खड़ी होने से कस्बा का मुख्य मार्ग जाम रहता है। परिवहन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से स्टेशन की व्यवस्था दुरुस्त करने और बसों का संचालन बस स्टेशन से कराने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
एसडीएम नुपुर गोयल ने बताया कि कोतवाली पुलिस से बसों को मार्ग पर खड़े न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों को भी बसों का संचालन बस स्टेशन से ही सुनिश्चित करने के लिए पत्र भेजकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।
विज्ञापन
बांगरमऊ कस्बे में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए आठ साल पहले वर्ष 2015 में कस्बा के पास बांगरमऊ बाईपास मार्ग पर तीस लाख की लागत से बस स्टेशन का निर्माण कराया गया था। एक टिकट घर, यात्रियों को बैठने के लिए टिनशेड, रोशनी के लिए लाइटें आदि के काम हुए थे। लेकिन अब तक न तो इसका संचालन शुरू हो पाया और न ही परिवहन विभाग के किसी अधिकारी और कर्मचारी की तैनाती हो सकी है। देखरेख के अभाव में बस स्टेशन उपयोग में आने से पहले ही जर्जर हो रहा है। यहां यात्रियों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है। यहां स्टाफ के नाम पर सिर्फ पहरेदार ही तैनात है।
विज्ञापन
रोडवेज बसें बस स्टेशन के बजाए बांगरमऊ कस्बे में ही अलग-अलग स्थानों पर खड़ी होकर सवारियां उतारती व बैठाती हैं। बांगरमऊ कस्बा से कानपुर से बरेली, दिल्ली, शाहजहापुर, हरदोई, कानपुर, उन्नाव से दिल्ली आदि रूटों की रूट की रोजाना औसतन 30 बसें कस्बे में रुकती हैं। चालक बसों को कोतवाली गेट से बिल्हौर तिराहे तक अलग-अलग स्थानों पर खड़ी कर सवारियां उतारते और बैठाते हैं। सवारियों के इंतजार में चालक घंटों तक बसों को सड़क पर खड़ा रखते हैं।
विज्ञापन
इससे दिन में कई बार जाम लगता है। ब्लॉक प्रमुख के पति अर्जुन लाल दिवाकर, कस्बा निवासी अनुराग अग्निहोत्री, रविशंकर दीक्षित, सादिक अली अंसारी, डॉक्टर निहाल अहमद, राजेश यादव आदि ने बताया कि बसें सड़क पर खड़ी होने से कस्बा का मुख्य मार्ग जाम रहता है। परिवहन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से स्टेशन की व्यवस्था दुरुस्त करने और बसों का संचालन बस स्टेशन से कराने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
एसडीएम नुपुर गोयल ने बताया कि कोतवाली पुलिस से बसों को मार्ग पर खड़े न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों को भी बसों का संचालन बस स्टेशन से ही सुनिश्चित करने के लिए पत्र भेजकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।