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कानपुर देहात में भीषण हादसा: ऑटो-लोडर की भिड़ंत में पिता-पुत्री की मौत, आठ घायल; मची चीख-पुकार
Sat, 09 May 2026 10:41 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 09 May 2026 10:41 PM IST
सार
कानपुर देहात में दर्दनाक हादसा हुआ। ऑटो-लोडर की भिड़ंत में पिता-पुत्री की जान चली गई। जबकि आठ लोग घायल हो गए।
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घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर-रसूलाबाद मार्ग पर कहिंजरी विद्युत उपकेंद्र के पास शनिवार देर शाम तेज रफ्तार लोडर ने ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो सवार 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती करवाया। वहां डॉक्टर ने पिता-पुत्री को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पांच गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
कहिंजरी निवासी सोनम (35) पत्नी दीपू ने बताया कि उनका परिवार गेस्टहाउस आदि में होने वाले कार्यक्रमों में साफ-सफाई का काम करता है। शनिवार शाम वह पति दीपू (40), बेटी गहना (10) और नैना (6) के साथ कहिंजरी चौराहे से ऑटो में बैठकर कहिंजरी विद्युत उपकेंद्र के पास स्थित गेस्ट हाउस में साफ सफाई का काम करने के लिए जा रहे थे। ऑटो में छह अन्य सवारियां पहले से मौजूद थीं। गेस्टहाउस से 100 मीटर पहले कानपुर की ओर से आए तेज रफ्तार लोडर ने ऑटो में सामने से टक्कर मार दी। इससे ऑटो में सवार सोनम, दीपू, गहना, नैना, थानापुरवा निवासी रामवती (65) पत्नी गंगाराम, गुरसहायगंज जल्लाबाद निवासी पौत्री तारादेवी (30) पत्नी कुलदीप, उनका बेटा भूरा (6), अयांश(4), दिनसरा निवासी छोटी पौत्री सीता देवी (28) पत्नी सोनू, उनका बेटा सुधाकर (2) गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती करवाया। वहां डॉ. सौरभ शाक्य ने दीपू व नैना को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल गंभीर घायल गहना, सोनम, तारादेवी, सीता देवी, रामवती को अकबरपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इधर घटना की जानकारी पर तहसीलदार संतोष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार शिवदर्शन सिंह, सीओ आलोक कुमार, थानाध्यक्ष ने सीएचसी पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। वहीं दीपू व उनकी पुत्री नैना की मौत पर परिजन रो-रोकर बेहाल रहे।
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थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। लोडर व ऑटो को कब्जे में ले लिया गया है। लोडर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि घायल ऑटो चालक का निजी अस्पताल में उपचार करवाया जा रहा है। मामले में तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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कहिंजरी निवासी सोनम (35) पत्नी दीपू ने बताया कि उनका परिवार गेस्टहाउस आदि में होने वाले कार्यक्रमों में साफ-सफाई का काम करता है। शनिवार शाम वह पति दीपू (40), बेटी गहना (10) और नैना (6) के साथ कहिंजरी चौराहे से ऑटो में बैठकर कहिंजरी विद्युत उपकेंद्र के पास स्थित गेस्ट हाउस में साफ सफाई का काम करने के लिए जा रहे थे। ऑटो में छह अन्य सवारियां पहले से मौजूद थीं। गेस्टहाउस से 100 मीटर पहले कानपुर की ओर से आए तेज रफ्तार लोडर ने ऑटो में सामने से टक्कर मार दी। इससे ऑटो में सवार सोनम, दीपू, गहना, नैना, थानापुरवा निवासी रामवती (65) पत्नी गंगाराम, गुरसहायगंज जल्लाबाद निवासी पौत्री तारादेवी (30) पत्नी कुलदीप, उनका बेटा भूरा (6), अयांश(4), दिनसरा निवासी छोटी पौत्री सीता देवी (28) पत्नी सोनू, उनका बेटा सुधाकर (2) गंभीर रूप से घायल हो गए।
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राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती करवाया। वहां डॉ. सौरभ शाक्य ने दीपू व नैना को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल गंभीर घायल गहना, सोनम, तारादेवी, सीता देवी, रामवती को अकबरपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इधर घटना की जानकारी पर तहसीलदार संतोष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार शिवदर्शन सिंह, सीओ आलोक कुमार, थानाध्यक्ष ने सीएचसी पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। वहीं दीपू व उनकी पुत्री नैना की मौत पर परिजन रो-रोकर बेहाल रहे।
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थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। लोडर व ऑटो को कब्जे में ले लिया गया है। लोडर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जबकि घायल ऑटो चालक का निजी अस्पताल में उपचार करवाया जा रहा है। मामले में तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कुछ दिन पहले हुई घटना पर दिया होता ध्यान तो न जाती पिता-पुत्री की जान
सड़क पर सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी जमीन पर प्रवर्तन कार्य में रुचि दिखाने की जगह कागजों में चकाचक दिखा रहे हैं। इसके चलते सड़कों पर चलने वाले वाहन यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। ओवरलोडिंग के चलते 29 अप्रैल को शिवली चौराहे पर एक ऑटो हादसाग्रस्त हो गया गया था। इसमें रसूलाबाद थाना क्षेत्र के बिरहुन निवासी रामसागर व उनकी भांजी सृष्टि की जान चली गई थी जबकि छह लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद भी जिम्मेदारों ने मानक से तीन गुना से ज्यादा सवारियां बैठा कर फर्राटा भर रहे ऑटो पर लगाम लगाना जरूरी नहीं समझा। इसके चलते शनिवार शाम को कहिंजरी में हादसाग्रस्त हुए ओवरलोड ऑटो में दीपू व उसकी बेटी नैना की जान चली गई। इस ऑटो में 10 सवारियां थीं।
सड़क पर सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी जमीन पर प्रवर्तन कार्य में रुचि दिखाने की जगह कागजों में चकाचक दिखा रहे हैं। इसके चलते सड़कों पर चलने वाले वाहन यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। ओवरलोडिंग के चलते 29 अप्रैल को शिवली चौराहे पर एक ऑटो हादसाग्रस्त हो गया गया था। इसमें रसूलाबाद थाना क्षेत्र के बिरहुन निवासी रामसागर व उनकी भांजी सृष्टि की जान चली गई थी जबकि छह लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद भी जिम्मेदारों ने मानक से तीन गुना से ज्यादा सवारियां बैठा कर फर्राटा भर रहे ऑटो पर लगाम लगाना जरूरी नहीं समझा। इसके चलते शनिवार शाम को कहिंजरी में हादसाग्रस्त हुए ओवरलोड ऑटो में दीपू व उसकी बेटी नैना की जान चली गई। इस ऑटो में 10 सवारियां थीं।
पति, बेटी की मौत पर बेसुध रही सोनम
घायल सोनम को हादसे में आई चोट से ज्यादा पति और बेटी की मौत का दर्द रहा। वह अस्पताल में बार-बार पति दीपू और बेटी नैना के बारे में पूछते हुए झटपटाती रही। अस्पताल में लोग उसे चोट लगने और घायल होने की बात कह ढांढस बंधाते रहे। सोनम कहती रही कि बस स्टैंड से गेस्टहाउस की दूरी महज दो किलोमीटर की थी। उसे नहीं मालूम था कि ऑटो से जाने में वह लोग हादसे का शिकार हो जाएंगे नहीं तो वह परिजन संग पैदल ही गेस्टहाउस तक जाती।
घायल सोनम को हादसे में आई चोट से ज्यादा पति और बेटी की मौत का दर्द रहा। वह अस्पताल में बार-बार पति दीपू और बेटी नैना के बारे में पूछते हुए झटपटाती रही। अस्पताल में लोग उसे चोट लगने और घायल होने की बात कह ढांढस बंधाते रहे। सोनम कहती रही कि बस स्टैंड से गेस्टहाउस की दूरी महज दो किलोमीटर की थी। उसे नहीं मालूम था कि ऑटो से जाने में वह लोग हादसे का शिकार हो जाएंगे नहीं तो वह परिजन संग पैदल ही गेस्टहाउस तक जाती।