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मछली पालने पर मिलेगा अनुदान

Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
Unnao
Unnao Updated Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
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उन्नाव। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग जलप्लावित योजना के अंतर्गत मत्स्य बीज पर विभिन्न वर्गों के लाभार्थियों के लिए अलग-अलग अनुदान राशि देगा। सामान्य, पिछड़ा वर्ग के लिए 80 फीसदी और एससी व एसटी वर्ग के लिए 90 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। वहीं, शासन ने पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष लक्ष्य कम कर दिया गया।
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जलप्लावित योजना के अंतर्गत यह योजना उस भूमि के लिए है जो कृषि योग्य न हो और लाभार्थी की स्वयं की हो। भूमि पर हमेशा पानी भरा रहता हो। ऐसी भूमि को सुधारकर उसमें मछली पालन कराया जाएगा। जानकारों की मानें तो ग्रामीण इलाकों में ईंट बनाने के लिए भट्ठा संचालक भूमि की खुदाई कराते हैं। इससे भूमि में काफी गहरा गड्ढा हो जाता है। ऐसी भूमि का चयन कर उसमें मछली पालन के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। मत्स्य विभाग द्वारा कराए गए आकलन के मुताबिक प्रति हेक्टेअर एक लाख रुपये की लागत आई है। सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के लिए इस योजना में 80 फीसदी का अनुदान दिया जाएगा। शेष बीस फीसदी पैसा लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा। एससी और एसटी वर्ग के लाभार्थियों के लिए मत्स्य बीज पर 90 फीसदी अनुदान विभाग द्वारा दिया जाएगा। शेष दस फीसदी पैसा लाभार्थी को खुद लगाना होगा। पिछले वित्तीय वर्ष में जलप्लावित योजना के लिए जनपद में आठ हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य को कम कर साढ़े सात हेक्टेयर कर दिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोनिशा सिंह ने बताया कि जिस भूमि पर खेती न होती हो और पानी भरा रहता है। ऐसी निजी भूमि के लिए शासन ने जलप्लावित योजना लागू की है। इस योजना में मत्स्य बीज पर शासन द्वारा अनुदान दिया जा रहा है।
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