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हसनगंज ग्राम पंचायत में डेढ़ लाख का घोटाला
Unnao
Updated Tue, 16 Sep 2014 05:31 AM IST
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उन्नाव। हसनगंज ग्राम पंचायत में मनरेगा और 13वें वित्त से कराए गए विकास कार्यों में घोटाला सामने आया है। प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने मिलीभगत करके डेढ़ लाख से अधिक धनराशि का बंदरबांट किया। एक शिकायत के आधार पर हुई जांच में इसका खुलासा हुआ है। मामले में डीएम ने कार्रवाई करते हुए प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही घपले की धनराशि प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से बराबर-बराबर रिकवरी के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायत हसनगंज निवासी नन्हकू व बृजलाल ने जिला प्रशासन से गांव में मनरेगा व 13वें वित्त से कराए गए कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। मनरेगा उपायुक्त ने गांव जाकर शिकायतकर्ताओं के बयान लिए। विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं मिलीं। कुछ कामों को कागजों पर ही कराकर पैसा निकाल लिया गया था। कई पुराने कामों को नया दिखाकर धनराशि हड़प ली गई थी। जांच के दौरान अधिकारी को 1,53,356 रुपये के घपले की जानकारी हुई। मनरेगा से कराए गए कई कार्यों में धन का बंदरबांट किया गया। फर्जी मजदूरों के नाम से मजदूरी भी निकाली गई। 13वें वित्त से कराए गए निर्माण कार्यों में भी अनियमितता बरती गई। प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने मिलकर धनराशि का गबन किया। जांच अधिकारी ने इस धनराशि की वसूली तीनों से बराबर-बराबर कराने की संस्तुति डीएम से की थी। रिपोर्ट डीएम के पास पहुंची तो उन्होंने लाखों रुपये के दुरुपयोग के इस मामले को गंभीरता से लिया। तुरन्त ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के निर्देश जारी किए। साथ ही गबन की गई धनराशि 1,53,356 रुपये का एक तिहाई प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से वसूलने के निर्देश डीपीआरओ को दिए गए।
इंसेट-1.........
विकास कार्यों के संचालन करेगी त्रिसदस्यीय समिति
डीएम ने प्रधान प्रमोद रस्तोगी के वित्तीय अधिकार सीज करने के बाद गांव में विकास कार्यों के संचालन के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति में निजामुद्दीन, गीता देवी और राकेश कुमार को रखा गया है। अग्रिम आदेशों तक यह समिति ही गांव में विकास कार्यों से संबंधित मामलों को देखेगी।
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इंसेट-2...........
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भी थी नजर
विकास भवन के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भी नजर थी। मामले की शिकायत आयोग के पास भी पहुंची थी। आयोग लगातार मामले का संज्ञान ले रहा था। इसके चलते भी मामले की जांच में तेजी रही और आखिर में यह कार्रवाई हो सकी।
इंसेट-3..........
लगातार बढ़ रहे हैं घोटाले
जिले की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा धन का जमकर दुरुपयोग किया गया। गौरी त्रिभानपुर, दरियापुर, राजेपुर ग्रंट, हयासपुर, भाटमऊ, पनई बुजुर्ग आदि ग्राम पंचायतों में कागजों पर काम दिखाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया। इसमें अब हसनगंज ग्राम पंचायत का भी नाम जुड़ गया है। जिले में मनरेगा व 13वें वित्त से हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
वर्जन------------
इस मामले में प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करके तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। साथ ही गबन की गई धनराशि की बराबर-बराबर वसूली प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं।
सौम्या अग्रवाल, डीएम उन्नाव।
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ग्राम पंचायत हसनगंज निवासी नन्हकू व बृजलाल ने जिला प्रशासन से गांव में मनरेगा व 13वें वित्त से कराए गए कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। मनरेगा उपायुक्त ने गांव जाकर शिकायतकर्ताओं के बयान लिए। विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं मिलीं। कुछ कामों को कागजों पर ही कराकर पैसा निकाल लिया गया था। कई पुराने कामों को नया दिखाकर धनराशि हड़प ली गई थी। जांच के दौरान अधिकारी को 1,53,356 रुपये के घपले की जानकारी हुई। मनरेगा से कराए गए कई कार्यों में धन का बंदरबांट किया गया। फर्जी मजदूरों के नाम से मजदूरी भी निकाली गई। 13वें वित्त से कराए गए निर्माण कार्यों में भी अनियमितता बरती गई। प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक ने मिलकर धनराशि का गबन किया। जांच अधिकारी ने इस धनराशि की वसूली तीनों से बराबर-बराबर कराने की संस्तुति डीएम से की थी। रिपोर्ट डीएम के पास पहुंची तो उन्होंने लाखों रुपये के दुरुपयोग के इस मामले को गंभीरता से लिया। तुरन्त ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के निर्देश जारी किए। साथ ही गबन की गई धनराशि 1,53,356 रुपये का एक तिहाई प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से वसूलने के निर्देश डीपीआरओ को दिए गए।
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विकास कार्यों के संचालन करेगी त्रिसदस्यीय समिति
डीएम ने प्रधान प्रमोद रस्तोगी के वित्तीय अधिकार सीज करने के बाद गांव में विकास कार्यों के संचालन के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति में निजामुद्दीन, गीता देवी और राकेश कुमार को रखा गया है। अग्रिम आदेशों तक यह समिति ही गांव में विकास कार्यों से संबंधित मामलों को देखेगी।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भी थी नजर
विकास भवन के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भी नजर थी। मामले की शिकायत आयोग के पास भी पहुंची थी। आयोग लगातार मामले का संज्ञान ले रहा था। इसके चलते भी मामले की जांच में तेजी रही और आखिर में यह कार्रवाई हो सकी।
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लगातार बढ़ रहे हैं घोटाले
जिले की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा धन का जमकर दुरुपयोग किया गया। गौरी त्रिभानपुर, दरियापुर, राजेपुर ग्रंट, हयासपुर, भाटमऊ, पनई बुजुर्ग आदि ग्राम पंचायतों में कागजों पर काम दिखाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया। इसमें अब हसनगंज ग्राम पंचायत का भी नाम जुड़ गया है। जिले में मनरेगा व 13वें वित्त से हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
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इस मामले में प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करके तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। साथ ही गबन की गई धनराशि की बराबर-बराबर वसूली प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं।
सौम्या अग्रवाल, डीएम उन्नाव।