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सुविधा शुल्क दो, पेंशन लो
Unnao
Updated Wed, 30 Jul 2014 05:30 AM IST
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उन्नाव। विकलांग कल्याण विभाग में बाबुओं का राज चल रहा है। वे सुविधा शुल्क के बिना विकलांगों की पेंशन नहीं बना रहे हैं। इस प्रकार की कारगुजारी की जानकारी अधिकारियों को भी है, लेकिन कार्रवाई करने में कतराते हैं।
जिला विकलांग कल्याण विभाग से मायूस होकर वापस लौट रहे सुशील कुमार ने बताया कि वह लगभग चार महीनों से विभाग के चक्कर लगा रहा है। उसके पास विभाग की ओर से जारी किया गया विकलांग प्रमाण पत्र भी है जिसमें उसे 50 प्रतिशत विकलांग घोषित किया गया है। विभाग के बाबू उससे सुविधा शुल्क के नाम पर 5 सौ रुपये की मांग कर रहे हैं। पैसा न देने के कारण ही वह चार महीनों से बराबर विभाग के चक्कर लगा रहा है। इसी प्रकार क्षेत्र के दिनेश रावत, सियाराम व देवीदीन आदि भी पेंशन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
700 आवेदन पेंडिंग
विकलांग कल्याण विभाग से जिले के 16,258 विकलांगों को तीन सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से विकलांग पेंशन दी जाती है। इसके अलावा 7 सौ से अधिक ऐसे विकलांग हैं जिन्होंने पेंशन के लिए आवेदन किया है लेकिन उन्हें अभी तक इसका लाभ नसीब नहीं हो सका है। कर्मचारी सुविधा शुल्क मांगते हैं तो अधिकारी बजट न होने की बात कहकर लोगों को वापस कर देते हैं।
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मानता हूं कि मांगा जाता होगा सुविधा शुल्क
मैं इस बात से इंकार नहीं करता कि विभागीय बाबू लोगों से सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकते हैं। हो सकता है कि किसी से शुल्क की मांग की गई हो। लेकिन मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। पता लगवाऊंगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - एएन सिंह, जिला विकलांग कल्याणअधिकारी
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जिला विकलांग कल्याण विभाग से मायूस होकर वापस लौट रहे सुशील कुमार ने बताया कि वह लगभग चार महीनों से विभाग के चक्कर लगा रहा है। उसके पास विभाग की ओर से जारी किया गया विकलांग प्रमाण पत्र भी है जिसमें उसे 50 प्रतिशत विकलांग घोषित किया गया है। विभाग के बाबू उससे सुविधा शुल्क के नाम पर 5 सौ रुपये की मांग कर रहे हैं। पैसा न देने के कारण ही वह चार महीनों से बराबर विभाग के चक्कर लगा रहा है। इसी प्रकार क्षेत्र के दिनेश रावत, सियाराम व देवीदीन आदि भी पेंशन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
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700 आवेदन पेंडिंग
विकलांग कल्याण विभाग से जिले के 16,258 विकलांगों को तीन सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से विकलांग पेंशन दी जाती है। इसके अलावा 7 सौ से अधिक ऐसे विकलांग हैं जिन्होंने पेंशन के लिए आवेदन किया है लेकिन उन्हें अभी तक इसका लाभ नसीब नहीं हो सका है। कर्मचारी सुविधा शुल्क मांगते हैं तो अधिकारी बजट न होने की बात कहकर लोगों को वापस कर देते हैं।
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मानता हूं कि मांगा जाता होगा सुविधा शुल्क
मैं इस बात से इंकार नहीं करता कि विभागीय बाबू लोगों से सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकते हैं। हो सकता है कि किसी से शुल्क की मांग की गई हो। लेकिन मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। पता लगवाऊंगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - एएन सिंह, जिला विकलांग कल्याणअधिकारी