{"_id":"40-162114","slug":"Unnao-162114-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन पर वन विभाग काबिज, कहां करें खेती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन पर वन विभाग काबिज, कहां करें खेती
Unnao
Updated Mon, 09 Dec 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। गंगा नदी की तलहटी में आवासित ग्राम पंचायत भिखारीपुर पतसिया के सैकड़ों किसानों की भूमि पर दो वर्ष पूर्व वन विभाग ने अपने झंडे गाड़ कर हक जता दिया था। किसानों और ग्राम प्रधान के प्रयास के बाद भी विभाग ने कब्जा नहीं हटाया है। किसानों ने जिलाधिकारी से रेतीली भूमि को वन विभाग से मुक्त कराए जाने की मांग की है।
वर्ष 2010-11 में गंगा नदी में बाढ़ आई थी। इसमें फसलें सड़कर नष्ट हो गई थीं। बाढ़ के बाद वन विभाग ने अपना हक जताते हुए झंडे गाड़ दिए थे। जब किसान अपनी भूमि पर फसल बोने गए तो वन विभाग ने ऐसा करने से रोक दिया था। ग्राम पंचायत भिखारीपुर पतसिया के डोरीलाल, प्यारेलाल, सुंदरलाल, दुलारे प्रसाद, गोकुल, रामऔतार, छत्रपाल, टीकाराम, रामशंकर, अशर्फीलाल, मिश्रीलाल, रामकेशन, कुबेर, जयनारायण, राजाराम, भगवानदीन, धनीराम, रामस्वरूप, सरजू प्रसाद, मंगलीप्रसाद, रामकरन सहित सैकड़ों किसानों की लगभग 400 बीघे भूमि पर वन विभाग का अभी भी कब्जा है। इस भूमि पर ये किसान जायद की फसल के अलावा गेहूं की फसल पैदाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। इस भूमि पर वन विभाग के कब्जा कर लेने से किसान बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
खास बात तो यह है कि डेढ़ वर्ष पहले ग्राम प्रधान फूलन देवी ने जिलाधिकारी को इस समस्या से अवगत कराया था। इस पर करीब एक वर्ष पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर इस भूमि की नाप कराई गई थी लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में ये सभी किसान अपने परिवार के पालन पोषण के लिए चिंतित हैं। ग्राम प्रधान पति रामऔतार निषाद और किसानों ने जिलाधिकारी से अपनी भूमि को वन विभाग से मुक्त कराने की मांग की है। इस संबंध मेें उपजिलाधिकारी सफीपुर प्रवीणा ने बताया कि उन्हें अब तक न तो डीएम से इस संबंध में कोई आदेश प्राप्त हुआ है और न ही उन्हें इसकी कोई जानकारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2010-11 में गंगा नदी में बाढ़ आई थी। इसमें फसलें सड़कर नष्ट हो गई थीं। बाढ़ के बाद वन विभाग ने अपना हक जताते हुए झंडे गाड़ दिए थे। जब किसान अपनी भूमि पर फसल बोने गए तो वन विभाग ने ऐसा करने से रोक दिया था। ग्राम पंचायत भिखारीपुर पतसिया के डोरीलाल, प्यारेलाल, सुंदरलाल, दुलारे प्रसाद, गोकुल, रामऔतार, छत्रपाल, टीकाराम, रामशंकर, अशर्फीलाल, मिश्रीलाल, रामकेशन, कुबेर, जयनारायण, राजाराम, भगवानदीन, धनीराम, रामस्वरूप, सरजू प्रसाद, मंगलीप्रसाद, रामकरन सहित सैकड़ों किसानों की लगभग 400 बीघे भूमि पर वन विभाग का अभी भी कब्जा है। इस भूमि पर ये किसान जायद की फसल के अलावा गेहूं की फसल पैदाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। इस भूमि पर वन विभाग के कब्जा कर लेने से किसान बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
खास बात तो यह है कि डेढ़ वर्ष पहले ग्राम प्रधान फूलन देवी ने जिलाधिकारी को इस समस्या से अवगत कराया था। इस पर करीब एक वर्ष पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर इस भूमि की नाप कराई गई थी लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में ये सभी किसान अपने परिवार के पालन पोषण के लिए चिंतित हैं। ग्राम प्रधान पति रामऔतार निषाद और किसानों ने जिलाधिकारी से अपनी भूमि को वन विभाग से मुक्त कराने की मांग की है। इस संबंध मेें उपजिलाधिकारी सफीपुर प्रवीणा ने बताया कि उन्हें अब तक न तो डीएम से इस संबंध में कोई आदेश प्राप्त हुआ है और न ही उन्हें इसकी कोई जानकारी है।
विज्ञापन