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अब महिला मेट मनरेगा पर रखेंगी नजर
Unnao
Updated Fri, 06 Dec 2013 05:44 AM IST
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उन्नाव। मनरेगा में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए उन्हें बतौर मेट तैनात किया जाएगा। जिले में मनरेगा में महिलाओं की संख्या काफी कम होने के मद्देनजर प्रशासन ने यह कदम उठाया है। डीएम के आदेश के बाद महिलाओं को मेट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2013-14 को आठ महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक केवल 17.84 फीसदी महिलाओं को ही रोजगार दिया जा सका है। मनरेगा में महिलाओं की काफी कम सहभागिता को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। बताया जाता है मनरेगा को महिलाएं ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही हैं। इसी कारण रोजगार के मोर्चे पर महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा पिछड़ती जा रही हैं। पूर्व में डीएम ने मनरेगा के प्रति महिलाओं को आकर्षित करने के लिए महिला घर की रोशनी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत महिलाओं को मनरेगा में 35 दिन काम करने के बाद इस योजना का लाभ मिलना था। इसके अलावा महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए उन्हें मेट के रुप में तैनात करने की योजना पर काम चल रहा है। जानकारों के अनुसार, मेट के रूप में तैनाती होने पर महिलाओं को मनरेगा कार्यों की निगरानी करने में आसानी होगी। इससे महिलाओं की मनरेगा में सहभागिता बढ़ने के साथ उन्हें रोजगार भी मिल सकेगा। डीएम विजय किरन आनंद ने माना मनरेगा में महिलाओं की सहभागिता के मौजूदा आंकड़े काफी निराशाजनक है। इसको देखते हुए ही अब महिलाओं को मेट के रुप में तैनात करने की योजना शुरू की जा रही है। मेट के रूप में तैनाती होने के बाद महिलाओं की मनरेगा में सहभागिता बढ़ेगी।
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वित्तीय वर्ष 2013-14 को आठ महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक केवल 17.84 फीसदी महिलाओं को ही रोजगार दिया जा सका है। मनरेगा में महिलाओं की काफी कम सहभागिता को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। बताया जाता है मनरेगा को महिलाएं ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही हैं। इसी कारण रोजगार के मोर्चे पर महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा पिछड़ती जा रही हैं। पूर्व में डीएम ने मनरेगा के प्रति महिलाओं को आकर्षित करने के लिए महिला घर की रोशनी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत महिलाओं को मनरेगा में 35 दिन काम करने के बाद इस योजना का लाभ मिलना था। इसके अलावा महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए उन्हें मेट के रुप में तैनात करने की योजना पर काम चल रहा है। जानकारों के अनुसार, मेट के रूप में तैनाती होने पर महिलाओं को मनरेगा कार्यों की निगरानी करने में आसानी होगी। इससे महिलाओं की मनरेगा में सहभागिता बढ़ने के साथ उन्हें रोजगार भी मिल सकेगा। डीएम विजय किरन आनंद ने माना मनरेगा में महिलाओं की सहभागिता के मौजूदा आंकड़े काफी निराशाजनक है। इसको देखते हुए ही अब महिलाओं को मेट के रुप में तैनात करने की योजना शुरू की जा रही है। मेट के रूप में तैनाती होने के बाद महिलाओं की मनरेगा में सहभागिता बढ़ेगी।
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