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तीन माह बाद भी नहीं खुला बैंक फर्जीवाड़ा

Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
Unnao
Unnao Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। तीन महीने से लगातार दावों के बावजूद पुलिस पीएनबी की मेन ब्रांच में हुए 22.85 लाख के फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं कर पाई है। पिछले महीने जालसाजी के तार बस्ती जिले से जुड़ने की बात कहने वाली पुलिस अब खुलकर नहीं बोल रही है। हालांकि जांच अधिकारी अब तफ्तीश के सही दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रही है।
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31 जुलाई 2012 को शहर के मोहल्ला हाकिम टोला स्थित पंजाब नेशनल बैंक में हुए 22.85 लाख रुपए के फर्जीवाड़े केखुलासे के बिल्कुल करीब होने का दावा करने वाली पुलिस अबतक जालसाजों तक नहीं पहुंच पाई है। जालसाजों ने फर्जी नाम के एकाउंट नंबरों से अलग-अलग धनराशि के नौ विड्राल लगाकर 22 लाख 85 हजार निकाल ले गए थे। उसी दिन शाम को कैश का मिलान होने पर जालसाजी की जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। मुख्य शाखा प्रबंधक रामकिशन चोपड़ा की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू की। बैंक कर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ सीसी टीवी कैमरे की फुटेज का बारीकी से निरीक्षण किया गया। फुटेज में छह जालसाजों के चेहरे भी सामने आए। तमाम छानबीन के बावजूद पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाई। मालूम हो लापरवाही बरतने के आरोप में हेड कैशियर सुनील कुमार शुक्ला को निलंबित कर दिया गया था। घटना की जांच कर रहे किला चौकी इंचार्ज नीरज वालिया ने बताया उन्नाव में हुई घटना से दस दिन पहले 20 जुलाई को बस्ती जिले की पीएनबी ब्रांच से बिल्कुल इसी अंदाज में 3.10 लाख रुपए की जालसाजी हुई थी। उन्होंने बताया तमाम क्लू मिल चुके हैं। इन्हीं पर काम चल रहा है। जल्द घटना का खुलासा कर लिया जाएगा।
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