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Unnao News: यूनिफार्म के लिए 74 हजार छात्रों को अभी करना होगा इंतजार
Tue, 22 Jul 2025 01:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Tue, 22 Jul 2025 01:22 AM IST
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उन्नाव। परिषदीय स्कूलों के 74 हजार छात्रों को अभी यूनिफार्म के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि परियोजना कार्यालय से तीन किश्त में मिलने वाली राशि की दो और तीन किश्तों का अब तक डाटा बेनिफिशियरी ट्रांसफर (डीबीटी) भुगतान नहीं हो पाया है। विभागीय अधिकारी का कहना है कि कुछ के खातों में गड़बड़ी है उसे सही कराया जा रहा है। वहीं सितंबर माह तक नए छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। उसके बाद भी भुगतान पहुंचेगा।
जिले के 16 ब्लॉक और नगर क्षेत्र में संचालित 2709 परिषदीय स्कूलों में 1833 प्राथमिक, 451 उच्च प्राथमिक और 375 कंपोजिट स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में 1.95 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रत्येक छात्र को हर साल 1200 रुपये सरकार देती है। छात्रों को स्कूल बैग, जूता, मोजा, दो जोड़ी यूनिफार्म, स्वेटर और स्टेशनरी खरीदना होता है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से आधार युक्त छात्रों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाता है। यह राशि पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से भेजी जाती है, लेकिन शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीन से शिक्षासत्र शुरू होने के बाद से अब तक 1.21 लाख छात्रों को ही इसका लाभ मिला है, जबकि 74 हजार छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं।
बीईओ मुख्यालय संजय यादव ने बताया कि जिन छात्रों के खातों में अभी तक रुपये नहीं गए हैं। उनमें कुछ के आधार में गड़बड़ी है, कुछ के खातों की संख्या में दिक्कत आई है। साथ ही नए नामांकन भी शामिल हैं। जिन छात्रों के आधार या खाते में गड़बड़ी है उसमें सुधार कराया जा रहा है। नए छात्रों की फीडिंग कराई जा रही है। उसके बाद ही खाते में पैसे भेजे जाएंगे।
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जिले के 16 ब्लॉक और नगर क्षेत्र में संचालित 2709 परिषदीय स्कूलों में 1833 प्राथमिक, 451 उच्च प्राथमिक और 375 कंपोजिट स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में 1.95 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रत्येक छात्र को हर साल 1200 रुपये सरकार देती है। छात्रों को स्कूल बैग, जूता, मोजा, दो जोड़ी यूनिफार्म, स्वेटर और स्टेशनरी खरीदना होता है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से आधार युक्त छात्रों के अभिभावकों के खाते में भेजा जाता है। यह राशि पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से भेजी जाती है, लेकिन शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीन से शिक्षासत्र शुरू होने के बाद से अब तक 1.21 लाख छात्रों को ही इसका लाभ मिला है, जबकि 74 हजार छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं।
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बीईओ मुख्यालय संजय यादव ने बताया कि जिन छात्रों के खातों में अभी तक रुपये नहीं गए हैं। उनमें कुछ के आधार में गड़बड़ी है, कुछ के खातों की संख्या में दिक्कत आई है। साथ ही नए नामांकन भी शामिल हैं। जिन छात्रों के आधार या खाते में गड़बड़ी है उसमें सुधार कराया जा रहा है। नए छात्रों की फीडिंग कराई जा रही है। उसके बाद ही खाते में पैसे भेजे जाएंगे।
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