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Unnao News: 60 स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के 70 पद खाली
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उन्नाव। जिले के 60 स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के 70 पद खाली हैं। 189 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 119 चिकित्सक ही तैनात हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएसओ) ने जहां एक हजार की आबादी पर एक डाॅक्टर की तैनाती का मानक तय कर रखा है, वहीं, जिले में 25 हजार की आबादी पर एक डाॅक्टर है। इससे लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ नहीं मिल रहा।
जिले में 16 सीएचसी, 42 पीएचसी व बीघापुर, मौरावां में सौ शैय्या अस्पताल हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन केंद्रों पर 189 डाॅक्टरों की तैनाती होनी चाहिए लेकिन वर्तमान में 119 ही तैनात हैं। फिजीशियन से लेकर स्पेशलिस्ट तक के 70 पद खाली हैं। परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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फिजीशियन और विशेषज्ञ डॉक्टर भी पर्याप्त नहीं
उन्नाव। जानकार बताते हैं कि सरकारी मानक के अनुसार, करीब 50 हजार की आबादी के बीच में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और एक लाख की आबादी के बीच में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इसी मानक पर जिले में कुल 42 पीएचसी और 16 सीएचसी का संचालन हो रहा है। इन केंद्रों पर 119 डाॅक्टर कार्यरत हैं। इसमें 83 फिजीशियन है और 36 विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को लेकर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। संविदा पर भी चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है।
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जिले में 16 सीएचसी, 42 पीएचसी व बीघापुर, मौरावां में सौ शैय्या अस्पताल हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन केंद्रों पर 189 डाॅक्टरों की तैनाती होनी चाहिए लेकिन वर्तमान में 119 ही तैनात हैं। फिजीशियन से लेकर स्पेशलिस्ट तक के 70 पद खाली हैं। परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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फिजीशियन और विशेषज्ञ डॉक्टर भी पर्याप्त नहीं
उन्नाव। जानकार बताते हैं कि सरकारी मानक के अनुसार, करीब 50 हजार की आबादी के बीच में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और एक लाख की आबादी के बीच में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इसी मानक पर जिले में कुल 42 पीएचसी और 16 सीएचसी का संचालन हो रहा है। इन केंद्रों पर 119 डाॅक्टर कार्यरत हैं। इसमें 83 फिजीशियन है और 36 विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को लेकर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। संविदा पर भी चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है।
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