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पूरे शहर में 250 कामर्शियल भवन
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:49 PM IST
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उन्नाव। इन दिनों आधा शहर बाजार के रूप में तब्दील हो चुका है। शहर के पुराने आवासीय भवन धीरे-धीरे व्यवसायिक रूप में परिवर्तित हो रहे हैं। हजारों की संख्या में ऐसे भवन हैं जिनका उपयोग कामर्शियल रूप में हो रहा है। वहीं यूडीए के आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं जहां पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में सिर्फ ढाई सौ भवन ही कामर्शियल मिल सके हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि सिर्फ शहर में ही इनकी संख्या करीब पांच हजार को पार कर चुकी है।
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मौजूदा समय में उन्नाव शहर का मुख्य मार्ग, धवन रोड, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, स्टेशन रोड, कालेज रोड, जिला अस्पताल रोड, पूरन नगर मार्ग, कचहरी मार्ग के अलावा दर्जनों ऐसे क्षेत्र हैं जहां बने लगभग हर आवासीय मकान का उपयोग व्यवसायिक रूप में किया जा रहा है।
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शहर के अलावा उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूडीए) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शेखपुर, अकरमपुर, गदनखेड़ा, हिरन नगर, कब्बाखेड़ा आदि क्षेत्रों में भी धड़ल्ले से व्यवसायिक भवनों का निर्माण व उपयोग हो रहा है। इनमें से सैकड़ों भवन तो ऐसे हैं जिन्हें पूरी तरह से कामर्शियल रूप में प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन इन भवनों पर शायद यूडीए अधिकारियों की निगाह तक नहीं पड़ रही है। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते क्षेत्र में मौजूदा समय में सैकड़ों बहुमंजिली व्यवसायिक इमारतें तनती जा रही हैं। लेकिन इन्हें विभाग में दर्ज नहीं कराया जाता है।
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स्थिति यह है कि शहर में करीब पांच हजार से अधिक की संख्या को पार कर चुके व्यवसायिक भवनों में यूडीए के आंकड़ों में अभी तक सिर्फ ढाई सौ कामर्शियल भवन ही दर्ज हैं। बीते करीब दस सालों में ही शहर में सबसे अधिक कामर्शियल भवनों की संख्या बढ़ी है और विभागीय आंकड़ों में सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि सन 2010 से 2015 के बीच सिर्फ 50 भवनों को कामर्शियल रूप में स्वीकार कर इनके नक्शे पास किए हैं। अधिकारियों की मानें तो यह क्षेत्र महायोजना में कामर्शियल रूप में शामिल नहीं किए गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि यह क्षेत्र कामर्शियल रूप में शामिल ही नहीं हैं तो फिर ढाई सौ नक्शे कैसे पास हो गए।
वर्जन
जिस 2001 की महायोजना के आधार पर प्राधिकरण क्षेत्र में नक्शे पास किए जाते हैं उसमें यह क्षेत्र कामर्शियल रूप में शामिल नहीं किए गए हैं। इसलिए इस क्षेत्र में जो भी भवन व्यवसायिक रूप में उपयोग किए जा रहे हैं उनका नक्शा कामर्शियल रूप में पास नहीं किया जा सकता है। जो क्षेत्र योजना में शामिल है उनका नक्शा आवेदन आने पर कार्यवाही की जाती है।- नरेश कुमार भाटिया, अधिशाषी अभियंता, यूडीए।