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स्वतंत्रता दिवस पर प्रतीक को सलाखों से मिलेगी आजादी
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। अपराध की राह ने सलाखों के पीछे पहुंचाया। कोर्ट ने सजा मुकर्रर की। जेल में सजा पूरी होने के बाद भी आजादी की राह में जुर्माना रोड़ा बन गया। जिला कारागार में जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा काट रहे एक कैदी को स्वयंसेवी संस्था स्वतंत्रता दिवस पर आजादी दिलवाएगी।
हरदोई जनपद के नयागांव निवासी सद्दीक पुत्र कल्लू को मारपीट की एक घटना में न्यायालय ने चार साल कैद व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। अर्थदंड न चुका पाने की स्थिति में सद्दीक को एक वर्ष अतिरिक्त जेल में गुजारना था। सद्दीक की चार साल की सजा पूरी हो चुकी है। अर्थदंड न चुका पाने की वजह से वह अभी भी जेल में बंद है। एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगत रहा है। 15 अगस्त को सद्दीक को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
एक स्वयंसेवी संस्था सद्दीक की जगह पर जुर्माने की राशि अदा करेगी। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जेल में बंद ऐसे कैदियों की रिहाई के आदेश दिए हैं जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। हालांकि जुर्माना की राशि न जमा करने से उन्हें रिहाई नहीं मिल सकी है। स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसे बंदियों को स्वतंत्रता दिवस पर छोड़ा जा रहा है। उन्नाव जेल में बंद सद्दीक भी ऐसे ही कैदियों में शामिल है।
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सद्दीक को सलाखों से मिलेगी आजादी
जुर्माना न अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भोग रहा है सद्दीक
स्वयंसेवी संस्था ने जमा की जुर्माने की राशि, स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगी आजादी
उन्नाव। अपराध की राह ने सलाखों के पीछे पहुंचाया। कोर्ट ने सजा मुकर्रर की। जेल में सजा पूरी होने के बाद भी आजादी की राह में जुर्माना रोड़ा बन गया। जिला कारागार में जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा काट रहे एक कैदी को स्वयंसेवी संस्था स्वतंत्रता दिवस पर आजादी दिलवाएगी।
हरदोई जनपद के नयागांव निवासी सद्दीक पुत्र कल्लू को मारपीट की एक घटना में न्यायालय ने चार साल कैद व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। अर्थदंड न चुका पाने की स्थिति में सद्दीक को एक वर्ष अतिरिक्त जेल में गुजारना था। सद्दीक की चार साल की सजा पूरी हो चुकी है। अर्थदंड न चुका पाने की वजह से वह अभी भी जेल में बंद है। एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगत रहा है। 15 अगस्त को सद्दीक को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
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एक स्वयंसेवी संस्था सद्दीक की जगह पर जुर्माने की राशि अदा करेगी। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जेल में बंद ऐसे कैदियों की रिहाई के आदेश दिए हैं जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। हालांकि जुर्माना की राशि न जमा करने से उन्हें रिहाई नहीं मिल सकी है। स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से ऐसे बंदियों को स्वतंत्रता दिवस पर छोड़ा जा रहा है। उन्नाव जेल में बंद सद्दीक भी ऐसे ही कैदियों में शामिल है।
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सद्दीक को सलाखों से मिलेगी आजादी
जुर्माना न अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भोग रहा है सद्दीक
स्वयंसेवी संस्था ने जमा की जुर्माने की राशि, स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगी आजादी