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नहीं थम रही स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही, एक घंटे तक रखा रहा शव
Updated Wed, 15 Aug 2018 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार सुबह बीमारी से दो लोगों की मौत के बाद उनके शव अस्पताल कर्मियों की लापरवाही से एक घंटे तक वार्ड में ही रखे रहे। परिजनों की मिन्नतों के बाद भी वार्ड कर्मियों ने शव एंबुलेंस में नहीं रखवाए। वार्ड के बाहर मौजूद बाहरी लोगों की मदद से परिजन शव एंबुलेंस में रखकर घर चले गए।
शहर के पीडी नगर निवासी सिपाही राममिलन की मां शिवकली (70) की मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ गई थी। राममिलन मां को जिला अस्पताल लाया। जहां शिवकली की मौत हो गई। शव घर तक ले जाने के लिए राममिलन ने एंबुलेंस की मांग की। इमरजेंसी मेडिकल आफीसर ने एंबुलेंस तो उपलब्ध करा दी लेकिन वार्ड कर्मियों ने शव एंबुलेंस में नहीं रखवाया।
ऐसे में लगभग आधे घंटे तक शव वार्ड में ही रखा रहा। इसी तरह शहर के हुसैन नगर निवासी छेद्दू की मंगलवार सुबह बीमारी से मौत हो गई थी। परिजनों को इमरजेंसी मेडिकल आफीसर ने एंबुलेंस उपलब्ध करवा दी। हालांकि कर्मियों ने शव नहीं रखवाया। इस पर परिजनों ने नाराजगी भी जताई। एंबुलेंस चालक ने परिजनों की मदद से शव को एंबुलेंस में रखवाया और उसे घर तक ले गया।
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सीएमओ की चेतावनी का भी नहीं दिखा असर
सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने इमरजेंसी वार्ड के कर्मियों को निर्देश दिए थे कि वार्ड में किसी की मौत के बाद वह शव एंबुलेंस तक पहुंचाएंगे। शव को एंबुलेंस में रखवाने की जिम्मेदारी भी वार्ड कर्मियों की होगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कोई कर्मी इसमें लापरवाही बरतेगा तो कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से एंबुलेंस तक नहीं पहुंचाते शव
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उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार सुबह बीमारी से दो लोगों की मौत के बाद उनके शव अस्पताल कर्मियों की लापरवाही से एक घंटे तक वार्ड में ही रखे रहे। परिजनों की मिन्नतों के बाद भी वार्ड कर्मियों ने शव एंबुलेंस में नहीं रखवाए। वार्ड के बाहर मौजूद बाहरी लोगों की मदद से परिजन शव एंबुलेंस में रखकर घर चले गए।
शहर के पीडी नगर निवासी सिपाही राममिलन की मां शिवकली (70) की मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ गई थी। राममिलन मां को जिला अस्पताल लाया। जहां शिवकली की मौत हो गई। शव घर तक ले जाने के लिए राममिलन ने एंबुलेंस की मांग की। इमरजेंसी मेडिकल आफीसर ने एंबुलेंस तो उपलब्ध करा दी लेकिन वार्ड कर्मियों ने शव एंबुलेंस में नहीं रखवाया।
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ऐसे में लगभग आधे घंटे तक शव वार्ड में ही रखा रहा। इसी तरह शहर के हुसैन नगर निवासी छेद्दू की मंगलवार सुबह बीमारी से मौत हो गई थी। परिजनों को इमरजेंसी मेडिकल आफीसर ने एंबुलेंस उपलब्ध करवा दी। हालांकि कर्मियों ने शव नहीं रखवाया। इस पर परिजनों ने नाराजगी भी जताई। एंबुलेंस चालक ने परिजनों की मदद से शव को एंबुलेंस में रखवाया और उसे घर तक ले गया।
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सीएमओ की चेतावनी का भी नहीं दिखा असर
सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने इमरजेंसी वार्ड के कर्मियों को निर्देश दिए थे कि वार्ड में किसी की मौत के बाद वह शव एंबुलेंस तक पहुंचाएंगे। शव को एंबुलेंस में रखवाने की जिम्मेदारी भी वार्ड कर्मियों की होगी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कोई कर्मी इसमें लापरवाही बरतेगा तो कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से एंबुलेंस तक नहीं पहुंचाते शव