आगरा: ताजमहल के अंदर विदेशी पर्यटक की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लू के थपेड़े आगरा में शनिवार को जानलेवा साबित हो गए। फिजी के मो. फजल की दोपहर में ताजमहल के अंदर मौत हुई, वहीं खंदौली सब्जी मंडी के पास एक वृद्ध ने दम तोड़ दिया। शनिवार को चिलचिलाती धूप के बीच दिन में पारा 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एएसआई की ओर से ताजमहल पर गर्मी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। दिल के मरीज फिजी के मो. फजल ज्यादा देर तक धूप बर्दाश्त नहीं कर सके और गश खाकर गिर गए। चंद मिनटों में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके साथ पत्नी और बेटा भी था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया। बता दें कि फजल दिल्ली में अपोलो हास्पिटल में बाईपास सर्जरी के लिए आए थे।
फिजी जाने से पहले ताज देखने की उनकी हसरत थी। गर्मी से दूसरी मौत धनौली सब्जी मंडी के पास हुई। क्षेत्रीय निवासी ताराचंद और अशोक रावत के मुताबिक, सब्जी मंडी में 15 दिन पहले से वृद्ध रह रहा था। शनिवार दोपहर तेज धूप और गर्मी के चलते उसकी मौत हो गई।
बदइंतजामी है मौत की वजह
लाल पत्थर और संगमरमर के स्मारक आगरा में सैकड़ों हैं, लेकिन गर्मी से मौत केवल ताजमहल में ही होती है। दरअसल, गर्मी से बचाव के लिए किले, सीकरी, सिकंदरा, एत्माद्दौला में उपाय हैं। ताज में चिलचिलाती धूप में टिकट के लिए आधा घंटा, फिर प्रवेश के लिए एक से डेढ़ घंटा तक कतार में लगना पड़ता है।
इसके बाद मुख्य गुंबद और चमेली फर्श पर एक घंटे तक लाइन में लगने के बाद ताज ए दीदार होता है। गेट पर पहले एएसआई ने शेड लगवाया, लेकिन पश्चिमी तथा दक्षिणी गेट पर धूप से बचाव का कोई इंतजाम न तो टिकट विंडो पर है और न ही सिक्योरिटी लाइन में।
यही वजह है कि हर साल दो दर्जन से ज्यादा मौतें सिर्फ गर्मी के चलते ही हो रही हैं।