{"_id":"5deebdca8ebc3e87ad58999f","slug":"the-students-ran-the-assistant-professor-assuming-dr-firoz-shah-supporter-in-bhu","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू : डॉ. फिरोज का समर्थक मानकर छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर को दौड़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू : डॉ. फिरोज का समर्थक मानकर छात्रों ने असिस्टेंट प्रोफेसर को दौड़ाया
Tue, 10 Dec 2019 03:04 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 10 Dec 2019 03:04 AM IST
विज्ञापन
फिरोज खान, बीएचयू (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय (एसवीडीवी) में छात्रों ने साहित्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शांति लाल सालवी को डॉ. फिरोज खान का समर्थक समझकर दौड़ा लिया। घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हुई। डॉ. सालवी का आरोप है कि उन्हें पत्थर फेंककर मारने की कोशिश की गई। खुद को दलित शिक्षक बताते हुए डॉ. सालवी ने चीफ प्रॉक्टर से मामले की शिकायत की है।
चीफ प्रॉक्टर से की गई शिकायत में डॉ. सालवी ने बताया है कि घटना उस समय हुई जब वह छात्रों के कहने पर अपने कमरे से बाहर आए। इसी दौरान धरना दे रहे एक पूर्व छात्र समेत कुछ वर्तमान छात्रों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए नारेबाजी की और मारने के लिए दौड़े। वह आगे-आगे जा रहे थे और भीड़ उनके पीछे चल रही थी।
इसी बीच एक छात्र ने पत्थर से हमला किया। शुक्र रहा कि पत्थर लगा नहीं। किसी तरह जान बचाकर वह संकाय से बाहर आए और एक बाइक सवार की मदद से सेंट्रल ऑफिस पहुंचे। अगर वह सही समय पर संकाय से नहीं भागते तो उनकी जान चली जाती। डॉ. सालवी ने घटना को पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए संकाय के एक प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
उधर, चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओपी राय ने डॉ. सालवी की शिकायत को लंका थाने भेज दिया है लेकिन समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था। उधर, विश्वविद्यालय के कई अन्य शिक्षकों ने भी घटना का विरोध करते हुए कुलपति से इसकी शिकायत की है।
वहीं, डॉ. सालवी का कहना है कि उनका असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान से कोई संबंध नहीं है। दूसरी ओर संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के पूर्व छात्र डॉ. मुनीश मिश्रा ने डॉ. सालवी के आरोपों को गलत बताया है।
विज्ञापन
चीफ प्रॉक्टर से की गई शिकायत में डॉ. सालवी ने बताया है कि घटना उस समय हुई जब वह छात्रों के कहने पर अपने कमरे से बाहर आए। इसी दौरान धरना दे रहे एक पूर्व छात्र समेत कुछ वर्तमान छात्रों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए नारेबाजी की और मारने के लिए दौड़े। वह आगे-आगे जा रहे थे और भीड़ उनके पीछे चल रही थी।
विज्ञापन
इसी बीच एक छात्र ने पत्थर से हमला किया। शुक्र रहा कि पत्थर लगा नहीं। किसी तरह जान बचाकर वह संकाय से बाहर आए और एक बाइक सवार की मदद से सेंट्रल ऑफिस पहुंचे। अगर वह सही समय पर संकाय से नहीं भागते तो उनकी जान चली जाती। डॉ. सालवी ने घटना को पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए संकाय के एक प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
उधर, चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओपी राय ने डॉ. सालवी की शिकायत को लंका थाने भेज दिया है लेकिन समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था। उधर, विश्वविद्यालय के कई अन्य शिक्षकों ने भी घटना का विरोध करते हुए कुलपति से इसकी शिकायत की है।
वहीं, डॉ. सालवी का कहना है कि उनका असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान से कोई संबंध नहीं है। दूसरी ओर संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के पूर्व छात्र डॉ. मुनीश मिश्रा ने डॉ. सालवी के आरोपों को गलत बताया है।
छात्रों ने ठप कराया कामकाज, फिर टली सेमेस्टर परीक्षा
एसवीडीवी में सोमवार को माहौल फिर गरमा गया। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्रों ने संकाय में कामकाज ठप कराकर मंगलवार से होने वाली परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। छात्र जैसे ही संकाय में घुसे, सभी शिक्षक-कर्मचारी विभाग बंद कर बाहर आ गए।
उधर, छात्रों के विरोध को देखते हुए संकाय प्रमुख ने 10 दिसंबर से होने वाली परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित कर दी। इसके पहले 5 दिसंबर से परीक्षा कराने का टाइमटेबल जारी किया गया था, जिसे विरोध की वजह से टालना पड़ा था।
आज से आमरण अनशन की चेतावनी : डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध में संकाय गेट पर धरने पर बैठे छात्रों ने मंगलवार दोपहर तक मांगें पूरी न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
उधर, छात्रों के विरोध को देखते हुए संकाय प्रमुख ने 10 दिसंबर से होने वाली परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित कर दी। इसके पहले 5 दिसंबर से परीक्षा कराने का टाइमटेबल जारी किया गया था, जिसे विरोध की वजह से टालना पड़ा था।
आज से आमरण अनशन की चेतावनी : डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध में संकाय गेट पर धरने पर बैठे छात्रों ने मंगलवार दोपहर तक मांगें पूरी न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।