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Sultanpur News: महिलाएं करेंगी कीटनाशक का कारोबार, खुलेंगे तरक्की के द्वार
Wed, 29 Jul 2026 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:42 PM IST
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सुल्तानपुर। जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए जल्द आय बढ़ाने का नया अवसर मिलने जा रहा है। दूबेपुर ब्लॉक के उतुरी गांव में प्रस्तावित जैविक खाद व जैविक कीटनाशक उत्पादन परियोजना सफल होने पर जिले के सभी 14 विकास खंडों तक विस्तार दिया जाएगा।
इस परियोजना में उत्पादन, पैकेजिंग और बिक्री तक की पूरी जिम्मेदारी समूह की महिलाओं के हाथों में होगी। जिससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से उतुरी में जैविक खाद और कीटनाशक उत्पादन इकाई स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। परियोजना के लिए स्थल का भी चयन कर लिया गया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन भी किया जा रहा है।
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जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जासेफ ने बताया कि दूबेपुर की इकाई सफल होने के बाद सबसे पहले लंभुआ में और फिर चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी 14 विकास खंडों में ऐसी परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
इनसेट
संचालन के लिए चयनित हो रहीं कृषि सखियां
एनआरएलएम के उपायुक्त केडी गोस्वामी ने बताया कि प्रत्येक विकास खंड में कृषि सखियों का चयन किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूबेपुर परियोजना का शिलान्यास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों के बढ़ते उपयोग से किसानों की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक दवाओं के दुष्प्रभाव से लोगों के स्वास्थ्य की भी बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। यह परियोजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
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इस परियोजना में उत्पादन, पैकेजिंग और बिक्री तक की पूरी जिम्मेदारी समूह की महिलाओं के हाथों में होगी। जिससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से उतुरी में जैविक खाद और कीटनाशक उत्पादन इकाई स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। परियोजना के लिए स्थल का भी चयन कर लिया गया है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन भी किया जा रहा है।
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जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जासेफ ने बताया कि दूबेपुर की इकाई सफल होने के बाद सबसे पहले लंभुआ में और फिर चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी 14 विकास खंडों में ऐसी परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
इनसेट
संचालन के लिए चयनित हो रहीं कृषि सखियां
एनआरएलएम के उपायुक्त केडी गोस्वामी ने बताया कि प्रत्येक विकास खंड में कृषि सखियों का चयन किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूबेपुर परियोजना का शिलान्यास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों के बढ़ते उपयोग से किसानों की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक दवाओं के दुष्प्रभाव से लोगों के स्वास्थ्य की भी बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। यह परियोजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।