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Sultanpur News: बायोफ्लॉक पद्धति से मछली पालन करने वालीं महिलाओं की बढ़ेगी आय
Sat, 24 Oct 2026 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:34 AM IST
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सुल्तानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बायोफ्लॉक पद्धति से मछली पालन करने वाली महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए विभाग ने कसरत शुरू कर दी है। निदेशालय की ओर से कम खर्च में अधिक आमदनी की योजना तैयार की जा रही है। मछली पालन के तरीके में और संशोधन होने के आसार हैं।
बायोफ्लॉक पद्धति से दरवाजे के सामने चार विकास खंडों मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर व पीपीकमैचा की 73 महिलाएं मछली पालन कर रही हैं। दरवाजे के सामने प्लास्टिक का टैंक बनाकर महिलाएं अच्छी प्रजाति की मछली पाल रही हैं। विभाग के मुताबिक पालन के दौरान कुछ मछलियां मर जा रही हैं। इसे देखते हुए निदेशालय की ओर से इसमें सुधार करते हुए अधिक लाभ की योजना तैयार की जा रही है।
एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जासेफ ने बताया कि पिछले सप्ताह निदेशालय की टीम ने कई टैंकों का जायजा लेते हुए मछली पालन करने वाली महिलाओं से बातचीत की थी। निदेशालय की ओर से पालन के तरीके में कुछ सुधार करके एक तकनीकी विशेषज्ञ रखने की तैयारी है। तकनीकी विशेषज्ञ की देखरेख में मछली पालन से महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी।
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बायोफ्लॉक पद्धति से दरवाजे के सामने चार विकास खंडों मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर व पीपीकमैचा की 73 महिलाएं मछली पालन कर रही हैं। दरवाजे के सामने प्लास्टिक का टैंक बनाकर महिलाएं अच्छी प्रजाति की मछली पाल रही हैं। विभाग के मुताबिक पालन के दौरान कुछ मछलियां मर जा रही हैं। इसे देखते हुए निदेशालय की ओर से इसमें सुधार करते हुए अधिक लाभ की योजना तैयार की जा रही है।
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एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक मोहम्मद जासेफ ने बताया कि पिछले सप्ताह निदेशालय की टीम ने कई टैंकों का जायजा लेते हुए मछली पालन करने वाली महिलाओं से बातचीत की थी। निदेशालय की ओर से पालन के तरीके में कुछ सुधार करके एक तकनीकी विशेषज्ञ रखने की तैयारी है। तकनीकी विशेषज्ञ की देखरेख में मछली पालन से महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी।
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