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पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास
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सुल्तानपुर। सात वर्ष पूर्व पत्नी की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने के मामले में शुक्रवार को एडीजे प्रथम उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 31 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतका के पिता को मिलेगी। मामला अमेठी जिले के संग्रामपुर थाने के ग्राम डिहवा मौजा उत्तरगांव से जुड़ा है।
गांव निवासी राम प्रसाद मौर्य की शादी घटना से करीब पांच वर्ष पूर्व इसी थाने के ग्राम मठिया मौजा सोनारी कलां निवासी राम मूरत मौर्य की पुत्री अनीता के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज के लिए अनीता को उसका पति राम प्रसाद प्रताड़ित करता था।
तीन जून 2012 को राम प्रसाद ने कुल्हाड़ी से मारकर पत्नी अनीता की निर्मम हत्या कर दी थी। सूचना पर मृतका का पिता राममूरत बेटी अनीता के घर पहुंचा तो देखा कि दरवाजा बंद था। पुलिस ने घर का दरवाजा खोलवाकर मृतका के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया था।
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पुलिस ने राममूरत की तहरीर पर आरोपी राम प्रसाद मौर्य के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
शुक्रवार को एडीजे प्रथम उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आरोपी पति राम प्रसाद मौर्य को हत्या व दहेज उत्पीड़न करने का दोषी मानते हुए हुए आजीवन कारावास व 31 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि मृतका के पिता को देने का आदेश दिया है।
पत्नी के हत्यारे राम प्रसाद को सजा दिलाने में उसकी नौ वर्षीय बेटी अंजू की गवाही काफी मददगार साबित हुई है। अंजू ने कोर्ट में गवाही दी थी कि उसकी मां की हत्या उसके पापा ने कुल्हाड़ी से मारकर की थी।
सरकारी वकील राम अचल मिश्र ने बताया कि कोर्ट रूप में खड़े आरोपी राम प्रसाद को पहचानते हुए अंजू ने कहा था कि यह वही हैं जिन्होंने मेरी माता की हत्या कुल्हाड़ी से मारकर की थी। कोर्ट ने गवाही दर्ज करने से पहले अंजू की बौद्धिक क्षमता परखने के लिए अदालत कक्ष में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो की पहचान कराई थी और कविता भी सुनी थी।
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गांव निवासी राम प्रसाद मौर्य की शादी घटना से करीब पांच वर्ष पूर्व इसी थाने के ग्राम मठिया मौजा सोनारी कलां निवासी राम मूरत मौर्य की पुत्री अनीता के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज के लिए अनीता को उसका पति राम प्रसाद प्रताड़ित करता था।
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तीन जून 2012 को राम प्रसाद ने कुल्हाड़ी से मारकर पत्नी अनीता की निर्मम हत्या कर दी थी। सूचना पर मृतका का पिता राममूरत बेटी अनीता के घर पहुंचा तो देखा कि दरवाजा बंद था। पुलिस ने घर का दरवाजा खोलवाकर मृतका के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया था।
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पुलिस ने राममूरत की तहरीर पर आरोपी राम प्रसाद मौर्य के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
शुक्रवार को एडीजे प्रथम उत्कर्ष चतुर्वेदी ने आरोपी पति राम प्रसाद मौर्य को हत्या व दहेज उत्पीड़न करने का दोषी मानते हुए हुए आजीवन कारावास व 31 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि मृतका के पिता को देने का आदेश दिया है।
पत्नी के हत्यारे राम प्रसाद को सजा दिलाने में उसकी नौ वर्षीय बेटी अंजू की गवाही काफी मददगार साबित हुई है। अंजू ने कोर्ट में गवाही दी थी कि उसकी मां की हत्या उसके पापा ने कुल्हाड़ी से मारकर की थी।
सरकारी वकील राम अचल मिश्र ने बताया कि कोर्ट रूप में खड़े आरोपी राम प्रसाद को पहचानते हुए अंजू ने कहा था कि यह वही हैं जिन्होंने मेरी माता की हत्या कुल्हाड़ी से मारकर की थी। कोर्ट ने गवाही दर्ज करने से पहले अंजू की बौद्धिक क्षमता परखने के लिए अदालत कक्ष में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो की पहचान कराई थी और कविता भी सुनी थी।