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पहले दिन किसी केंद्र पर नहीं हुई बोहनी
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सुल्तानपुर। जिले में बृहस्पतिवार से गेहूं खरीदने की औपचारिक शुरुआत हो गई। पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र गेहूं खरीद की बोहनी नहीं हो पाई है। बोरे व कांटे भेजकर क्रय केंद्र खोल दिए गए हैं। अभी तक ई-पॉस मशीन नहीं आने से खरीद पर संकट बरकरार है।
शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार से जिले में गेहूं खरीद की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। खरीद की तैयारियां अभी तक पूरी नहीं की जा सकी है। शासन ने इस बार गेहूं खरीद में होने वाली धांधली पर रोक लगाने के लिए तौल ई-पॉस मशीन के जरिए करने का आदेश दिया है।
एक अप्रैल से 15 जून तक होने वाली गेहूं खरीद के लिए जिले में 59 केंद्र खोले गए हैं। क्रय केंद्रों पर बोरा, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना भेजा जा चुका है। हालांकि अभी तक ई-पॉस मशीन नहीं आने से गेहूं खरीद पर संकट बरकरार है।
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बृहस्पतिवार को पहले दिन कई जगहों पर क्रय केंद्र तो खुले रहे, लेकिन किसानों की भीड़ नदारद रही। पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारी खरीद की तैयारी पूरी कर लेने का दावा कर रहे हैं लेकिन केंद्रों पर किसानों के बैठने तक का इंतजाम नहीं किया गया है।
मोतिगरपुर में साधन सहकारी संघ पारसपट्टी में क्रय केंद्र खुला रहा। सचिव सत्यदेव दुबे ने बताया कि बोरा, पंखा समेत अन्य सभी व्यवस्था पूरी है। खरीद का लक्ष्य नहीं मिला है। लंभुआ में विपणन विभाग की ओर से खोले गए क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा।
विपणन निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि दो हजार बोरा मिला है। इसके अलावा क्षेत्र के कुछ कोटेदारों से भी एक बार प्रयोग किया गया बोरा लिया गया है। पहले दिन खरीद की बोहनी नहीं हो पाई है। प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी भीमाचंद गौतम ने बताया कि गेंहू खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार गेंहू खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। अभी तक ई-पॉस मशीन नहीं आई है।
1975 रुपये प्रति क्विंटल है मूल्य
शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। क्रय केंद्रों पर गेहूं की उतराई, छनाई व सफाई कराने के लिए उसका पेमेंट संबंधित किसान को करना होगा। इसके लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल खर्च निर्धारित किया गया है।
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शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार से जिले में गेहूं खरीद की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। खरीद की तैयारियां अभी तक पूरी नहीं की जा सकी है। शासन ने इस बार गेहूं खरीद में होने वाली धांधली पर रोक लगाने के लिए तौल ई-पॉस मशीन के जरिए करने का आदेश दिया है।
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एक अप्रैल से 15 जून तक होने वाली गेहूं खरीद के लिए जिले में 59 केंद्र खोले गए हैं। क्रय केंद्रों पर बोरा, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना भेजा जा चुका है। हालांकि अभी तक ई-पॉस मशीन नहीं आने से गेहूं खरीद पर संकट बरकरार है।
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बृहस्पतिवार को पहले दिन कई जगहों पर क्रय केंद्र तो खुले रहे, लेकिन किसानों की भीड़ नदारद रही। पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारी खरीद की तैयारी पूरी कर लेने का दावा कर रहे हैं लेकिन केंद्रों पर किसानों के बैठने तक का इंतजाम नहीं किया गया है।
मोतिगरपुर में साधन सहकारी संघ पारसपट्टी में क्रय केंद्र खुला रहा। सचिव सत्यदेव दुबे ने बताया कि बोरा, पंखा समेत अन्य सभी व्यवस्था पूरी है। खरीद का लक्ष्य नहीं मिला है। लंभुआ में विपणन विभाग की ओर से खोले गए क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा रहा।
विपणन निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि दो हजार बोरा मिला है। इसके अलावा क्षेत्र के कुछ कोटेदारों से भी एक बार प्रयोग किया गया बोरा लिया गया है। पहले दिन खरीद की बोहनी नहीं हो पाई है। प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी भीमाचंद गौतम ने बताया कि गेंहू खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार गेंहू खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। अभी तक ई-पॉस मशीन नहीं आई है।
1975 रुपये प्रति क्विंटल है मूल्य
शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। क्रय केंद्रों पर गेहूं की उतराई, छनाई व सफाई कराने के लिए उसका पेमेंट संबंधित किसान को करना होगा। इसके लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल खर्च निर्धारित किया गया है।