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लक्ष्य हासिल करने में आतीं तमाम बाधाएं
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कमला नेहरू संस्थान में हुआ वेबिनार।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान में मिशन शक्ति-तृतीय चरण के तहत शनिवार को महारानी लक्ष्मीबाई शहीद दिवस को वीरांगना दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान वेबिनार में वक्ताओं ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन संघर्षों को याद किया।
सहायक अध्यापिका डॉ. नाजिया ने कहा कि जीवन संघर्ष में अनुशासन, एकाग्रता व कठिन परिश्रम लक्ष्य प्राप्ति के साधन हैं। डॉ. संजू सिंह ने छात्राओं को अपने जीवन संघर्ष के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ीं लेकिन कभी अपने को कमतर नहीं समझा। निरंतर अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर ईमानदारी से प्रयास करती रही। परिवार, खानदान और समाज से निराश करने वाली टिप्पणियां मिलती रहीं लेेकिन संघर्ष जारी रखा। हमें रानी लक्ष्मीबाई के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए।
संस्थान की महिला प्रकोष्ठ की संयोजक रंजना सिंह ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन संघर्षों से भरा था। उनकी वीरगाथा हमें सदियों तक प्रेरित करती रहेगी। अतिथियों का आभार व्यक्त किया। वर्चुअल गूगल मीट पर संस्थान की तमाम छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर प्रो. सुशील कुमार सिंह, प्रो. राधेश्याम सिंह, डॉ. वंदना सिंह, प्रो. प्रतिमा सिंह, प्रो. किरन सिंह, डॉ. सुनीता राय, वाणिज्य संकाय से प्रो. जयशंकर शुक्ल, डॉ. वीरेंद्र श्रीवास्तव, विज्ञान संकाय से डॉ. अर्चना यादव समेत कई प्राध्यापक मौजूद रहे।
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सहायक अध्यापिका डॉ. नाजिया ने कहा कि जीवन संघर्ष में अनुशासन, एकाग्रता व कठिन परिश्रम लक्ष्य प्राप्ति के साधन हैं। डॉ. संजू सिंह ने छात्राओं को अपने जीवन संघर्ष के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ीं लेकिन कभी अपने को कमतर नहीं समझा। निरंतर अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर ईमानदारी से प्रयास करती रही। परिवार, खानदान और समाज से निराश करने वाली टिप्पणियां मिलती रहीं लेेकिन संघर्ष जारी रखा। हमें रानी लक्ष्मीबाई के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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संस्थान की महिला प्रकोष्ठ की संयोजक रंजना सिंह ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन संघर्षों से भरा था। उनकी वीरगाथा हमें सदियों तक प्रेरित करती रहेगी। अतिथियों का आभार व्यक्त किया। वर्चुअल गूगल मीट पर संस्थान की तमाम छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर प्रो. सुशील कुमार सिंह, प्रो. राधेश्याम सिंह, डॉ. वंदना सिंह, प्रो. प्रतिमा सिंह, प्रो. किरन सिंह, डॉ. सुनीता राय, वाणिज्य संकाय से प्रो. जयशंकर शुक्ल, डॉ. वीरेंद्र श्रीवास्तव, विज्ञान संकाय से डॉ. अर्चना यादव समेत कई प्राध्यापक मौजूद रहे।
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