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Sultanpur News: पीछा नहीं छोड़ रहा वायरल, बढ़ी परेशानी
Sat, 06 Apr 2024 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 06 Apr 2024 12:00 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में मरीज देखते डॉक्टर।
सुल्तानपुर। मौसम के बदलाव के दौरान सामान्य रूप से लोगों को एक बार ही वायरल की समस्या से जूझना पड़ता है। लेकिन इस बार की स्थिति बदली है। एक ही मरीज को बार-बार वायरल का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना 100 से ज्यादा ऐसे मरीज मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना के चलते लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से ऐसा हो रहा है। शुक्रवार को ओपीडी में कुल 1,340 मरीज पहुंचे, जिसमें से 520 मरीज वायरल से पीड़ित पाए गए।
मरीजों ने सुनाई व्यथा
गोसाईंगंज की रुकमिणी सोनी ने बताया कि दो महीने में तीन बार वायरल हो चुका है। हमेशा शरीर में थकावट और सुस्ती रहती है। दवा का भी असर कुछ ही देर तक रहता है।
अमेठी के शिवभूषण मिश्रा ने बताया कि वायरल व सांस की दिक्कत है। दवा से कुछ दिन आराम मिला था। हफ्ते भर में दोबारा से वायरल हो गया। जांच में भी कुछ नहीं आता। वहीं गभड़िया की आरती ने बताया कि वायरल से शरीर और जोड़ों में दर्द है। कई दवाएं खाईं पर राहत नहीं मिली। हफ्तेभर से वायरल है। इसलिए अब आयुर्वेदिक दवा लेने आए हैं। करौंदिया के गोरखनाथ शुक्ला ने बताया कि एक महीने में तीन बार वायरल हो चुका है। समझ में नहीं आता ये कैसी बीमारी है।
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कमजोर हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता
बार-बार वायरल के होने से साफ है कि कोरोना काल से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हुई है। इसे मजबूत करने की सलाह मरीजों को दी जा रही है। रोजाना ऐसे 15-20 मरीज मेरे पास आ रहे हैं।
- डॉ़ हिमांशु चित्रवंशी, फिजीशियन
वायरल के मरीज बरतें सावधानी
- दोपहर 12 से चार बजे के बीच घर या दफ्तर में रहें।
- ताजे, रसदार फल व जूस व हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं, पानी ज्यादा पिएं।
- गिलोय का रस व टेबलेट लें, हल्के बुखार में त्रिफला चूर्ण सुबह-शाम लें।
- मध्यम बुखार में त्रिकूट (सोंठ, पिपली, कालीमिर्च) चूर्ण भी शहद के साथ लाभकारी है।
- तेज बुखार में महासुदर्शन चूर्ण सुबह शाम गुनगुने पानी से लें।
(आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ़ संतोष श्रीवास्तव का परामर्श)
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मरीजों ने सुनाई व्यथा
गोसाईंगंज की रुकमिणी सोनी ने बताया कि दो महीने में तीन बार वायरल हो चुका है। हमेशा शरीर में थकावट और सुस्ती रहती है। दवा का भी असर कुछ ही देर तक रहता है।
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अमेठी के शिवभूषण मिश्रा ने बताया कि वायरल व सांस की दिक्कत है। दवा से कुछ दिन आराम मिला था। हफ्ते भर में दोबारा से वायरल हो गया। जांच में भी कुछ नहीं आता। वहीं गभड़िया की आरती ने बताया कि वायरल से शरीर और जोड़ों में दर्द है। कई दवाएं खाईं पर राहत नहीं मिली। हफ्तेभर से वायरल है। इसलिए अब आयुर्वेदिक दवा लेने आए हैं। करौंदिया के गोरखनाथ शुक्ला ने बताया कि एक महीने में तीन बार वायरल हो चुका है। समझ में नहीं आता ये कैसी बीमारी है।
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कमजोर हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता
बार-बार वायरल के होने से साफ है कि कोरोना काल से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हुई है। इसे मजबूत करने की सलाह मरीजों को दी जा रही है। रोजाना ऐसे 15-20 मरीज मेरे पास आ रहे हैं।
- डॉ़ हिमांशु चित्रवंशी, फिजीशियन
वायरल के मरीज बरतें सावधानी
- दोपहर 12 से चार बजे के बीच घर या दफ्तर में रहें।
- ताजे, रसदार फल व जूस व हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं, पानी ज्यादा पिएं।
- गिलोय का रस व टेबलेट लें, हल्के बुखार में त्रिफला चूर्ण सुबह-शाम लें।
- मध्यम बुखार में त्रिकूट (सोंठ, पिपली, कालीमिर्च) चूर्ण भी शहद के साथ लाभकारी है।
- तेज बुखार में महासुदर्शन चूर्ण सुबह शाम गुनगुने पानी से लें।
(आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ़ संतोष श्रीवास्तव का परामर्श)