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तीन दिन धनराशि की निकासी नहीं कर सके ग्राम प्रधान
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सुल्तानपुर। प्रधानी के अंतिम तीन दिन के कार्यकाल में ग्राम प्रधान धनराशि की निकासी नहीं कर सके। सर्वर डाउन रहने से ग्राम प्रधानों की ओर से डोंगल लगाने का प्रयास बेकार रहा। धनराशि की निकासी नहीं होने से जिले के सैकड़ा भर से अधिक प्रधान परेशान रहे। इसकी वजह से प्रधान काफी भुगतान से प्रधान वंचित रह गए।
25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। कार्यकाल समाप्ति को देखते हुए ग्राम प्रधान कराए गए कार्यों का भुगतान अंतिम समय में कराना चाह रहे थे। इसे देखते हुए अधिकांश ग्राम प्रधानों ने ऑनलाइन भुगतान के लिए 23 दिसंबर से ही डोंगल लगाना शुरू कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार लोड बढ़ने पर सर्वर डाउन हो गया। अधिकांश ग्राम प्रधान 23 दिसंबर से लेकर 25 दिसंबर तक डोंगल लगाकर भुगतान का प्रयास करते रहे लेकिन अधिकांश को सफलता नहीं मिल सकी।
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सर्वर डाउन रहने से उनका भुगतान नहीं हो पाया। भुगतान को लेकर करीब सैकड़ा भर से अधिक ग्राम प्रधान तीन दिनों तक परेशान रहे। कार्यकाल समाप्त होने पर 25 दिसंबर की आधी रात अधिकांश ग्राम प्रधानों का डोंगल अनरजिस्टर्ड किए जाने का दावा पंचायतराज विभाग की ओर से कर दिया गया।
इसके साथ ही ग्राम निधि के खाता संचालन पर भी रोक लगा दी गई। ग्राम पंचायतों से कई लाख रुपये का भुगतान सर्वर डाउन रहने से नहीं हो पाया है। बताते हैं कि कुछ ग्राम प्रधानों ने चेक भी काट दिया है। फिलहाल पंचायतराज विभाग इसकी पड़ताल में जुटा है।
पंचम वित्त आयोग से करीब सप्ताह भर पहले ग्राम पंचायतों के खाते में 10 करोड़ रुपये की धनराशि पहुंच गई थी। इसके पहले की काफी धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में पड़ी थी। ग्राम प्रधान इस राशि का भुगतान भी कार्य दर्शाकर करने के प्रयास में रहे। इसमें भी सर्वर ने धोखा दिया है।
हालांकि कुछ प्रधान भुगतान कराने में कामयाब रहे। फिलहाल अब एडीओ पंचायतों के पाले में गेंद है। अपर जिला पंचायतराज अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि पंचायतों के खाते में सीधे धनराशि पहुंची थी।
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25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। कार्यकाल समाप्ति को देखते हुए ग्राम प्रधान कराए गए कार्यों का भुगतान अंतिम समय में कराना चाह रहे थे। इसे देखते हुए अधिकांश ग्राम प्रधानों ने ऑनलाइन भुगतान के लिए 23 दिसंबर से ही डोंगल लगाना शुरू कर दिया था।
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सूत्रों के अनुसार लोड बढ़ने पर सर्वर डाउन हो गया। अधिकांश ग्राम प्रधान 23 दिसंबर से लेकर 25 दिसंबर तक डोंगल लगाकर भुगतान का प्रयास करते रहे लेकिन अधिकांश को सफलता नहीं मिल सकी।
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सर्वर डाउन रहने से उनका भुगतान नहीं हो पाया। भुगतान को लेकर करीब सैकड़ा भर से अधिक ग्राम प्रधान तीन दिनों तक परेशान रहे। कार्यकाल समाप्त होने पर 25 दिसंबर की आधी रात अधिकांश ग्राम प्रधानों का डोंगल अनरजिस्टर्ड किए जाने का दावा पंचायतराज विभाग की ओर से कर दिया गया।
इसके साथ ही ग्राम निधि के खाता संचालन पर भी रोक लगा दी गई। ग्राम पंचायतों से कई लाख रुपये का भुगतान सर्वर डाउन रहने से नहीं हो पाया है। बताते हैं कि कुछ ग्राम प्रधानों ने चेक भी काट दिया है। फिलहाल पंचायतराज विभाग इसकी पड़ताल में जुटा है।
पंचम वित्त आयोग से करीब सप्ताह भर पहले ग्राम पंचायतों के खाते में 10 करोड़ रुपये की धनराशि पहुंच गई थी। इसके पहले की काफी धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में पड़ी थी। ग्राम प्रधान इस राशि का भुगतान भी कार्य दर्शाकर करने के प्रयास में रहे। इसमें भी सर्वर ने धोखा दिया है।
हालांकि कुछ प्रधान भुगतान कराने में कामयाब रहे। फिलहाल अब एडीओ पंचायतों के पाले में गेंद है। अपर जिला पंचायतराज अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि पंचायतों के खाते में सीधे धनराशि पहुंची थी।