फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Vending zone lying empty, carts on the streets

Sultanpur News: वेंडिंग जोन खाली पड़ा, सड़कों पर लगे ठेले

Sat, 13 Apr 2024 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Sat, 13 Apr 2024 11:52 PM IST
विज्ञापन
Vending zone lying empty, carts on the streets
सुल्तानपुर। शहर के गोपालदास पुल के नीचे वेंडिंग जोन खाली पड़ा है, जबकि सड़कों पर ठेले लगे हुए हैं। नगर पालिका के तमाम दावाें के बावजूद अभी तक वेंडिंग जोन शुरू नहीं हो सका है, जिसकी वजह से शहर में जाम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
विज्ञापन



प्रशासन ने शहर में जाम की समस्या को देखते हुए फुटपाथ कारोबारियों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट कराया था। किंतु यह काम केवल कागजों पर ही हुआ। असल में वहां एक या दो दिन से अधिक दुकानें नहीं लगाई जा सकीं। नतीजा यह हुआ कि गोलाघाट से लखनऊ नाका रेलवे ओवरब्रिज तक सड़क की दोनों पटरियों पर तमाम ठेले लगते हैं। यही स्थिति कोतवाली व तहसील के आसपास की है। मेडिकल कॉलेज के पास सब्जी मंडी सड़क पर चलती है।
विज्ञापन



सड़क चौड़ी होने के बाद भी कोई राहत नहीं है। चौक घंटाघर पर ठेलों के चलते पैदल चलना भी मुश्किल है। इसके अलावा सुपर मार्केट रोड, डाकखाना, शाहगंज चौराहा, बाध मंडी, पंचरास्ता, राहुल तिराहा का भी यही हाल है। शहर के राजेश कुमार बताते हैं कि नगर पालिका ने शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। जुर्माना व कार्रवाई की लचर व्यवस्था के चलते अतिक्रमणकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। सड़कों पर ठेले लगने से गोलाघाट, बस स्टेशन, मेडिकल चौराहा, कुड़वार नाका, चौक घंटाघर, तिकोनिया पार्क, बाधमंडी, शाहगंज चौराहा, पंचरास्ता, दरियापुर, नार्मल चौराहा, दीवानी चौराहा समेत अन्य स्थानों पर अक्सर जाम लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन






नगर पालिका का झूठा दावा
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लालचंद्र सरोज का दावा है कि वेंडिंग जोन में करीब 400 दुकानदारों की व्यवस्था की गई है। उनकी रोज जीपीएस से मॉनिटरिंग की जाती है। वेंडिंग जोन के खाली स्थलों पर भी फुटपाथ दुकानदारों के बैठने की व्यवस्था की गई है। जबकि वहां की तस्वीर साफ बताती है कि नगर पालिका की सारी माॅनिटरिंग और दावे झूठे हैं।




बिक चुकी हैं चौक की सड़कें और फुटपाथ
शहर के चौक तक आने-जाने के लिए अच्छी डबल लेन सड़कें और डिवाइडर बने हुए हैं। किंतु यहां पर दो पहिया वाहन लेकर जाना भी मुश्किल है। क्योंकि फुटपाथ से लेकर सड़कें तक बिकी हुई हैं। यहां पटरी, सड़क से लेकर डिवाइडर तक दुकानें लगती हैं। यह दुकानें लगाने वाले बताते हैं कि रोज दुकान लगाने का नकद पैसा देते हैं। यह रकम 30 रुपये प्रतिदिन से लेकर 200 रुपये प्रतिदिन तक है। यह रकम वसूलने वाले वह दुकानदार भी हैं, जिनके सामने दुकानें लगती हैं और इसमें सरकारी तंत्र भी भागीदार है। यही वजह है कि यहां पर कभी अभियान चलता नहीं देखा गया।







नहीं माने तो जब्त होगा सामान
शहर में लगातार अभियान चलाकर पथ विक्रेताओं से फुटपाथ पर दुकान नहीं लगाने की अपील की जा रही है। कुछ लोगों पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जुर्माना के बाद यदि फुटपाथ पर कोई दुकान लगाता मिला तो सामान जब्त होगा।
- लाल चंद्र सरोज, ईओ, नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed