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Sultanpur News: सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड का संकट

Thu, 04 Jul 2024 03:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Thu, 04 Jul 2024 03:57 AM IST
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Ultrasound crisis in government hospitals
सुल्तानपुर। जिले की किसी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने व मेडिकल कॉलेज के दो विंग में रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड जांच बंद होने से जिले की करीब 28 लाख आबादी के सामने संकट खड़ा हो गया है। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इसकी वजह से मरीजों से निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा छिन गई है। मजबूरन लोगों को पैसा खर्च करके निजी सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
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जिले में जांच के मामले में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है। विभिन्न रोगों खासकर पेट संबंधी बीमारी की चपेट में आने पर मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच के लिए चिकित्सकों की ओर से लिखा जा रहा है। पीएचसी से लेकर सीएचसी, मेडिकल कॉलेज के पुरुष व महिला अस्पताल की ओर से सैकड़ों मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जा रही है। लेकिन सीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से अस्पताल प्रशासन ने इसकी जांच करने से हाथ खड़े दिए हैं।
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एक भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से वहां मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में चार साल से बंद है। इसी तरह महिला अस्पताल का अल्ट्रासाउंड कक्ष एक वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में बंद हो गया है। दोनों मशीनें बंद होने व सीएचसी पर मशीन के अभाव में पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से हजारों मरीजों के सामने रोज अल्ट्रासाउंड जांच का संकट बना है। मजबूरन लोग कस्बे से लेकर शहर में निजी सेंटरों पर पैसा खर्च करके जांच करवा रहे हैं।
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सिर्फ गर्भवती महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा
स्वास्थ्य विभाग ने महिला व पुरुष विभाग में संचालित निशुल्क अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होेने से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए 42 निजी सेंटरों को संबद्ध किया है। इन सेंटरों पर सीएचसी, पीएचसी व महिला व पुरुष अस्पताल से वाउचर मिलने पर गर्भवती महिलाओं का निशुल्क अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य मरीजाें का अल्ट्रासाउंड निशुल्क कहीं नहीं हो पा रहा है।





2154 गर्भवती महिलाओं का जून में हुआ अल्ट्रासाउंड
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए संबद्ध किए गए निजी सेंटरों पर जून में 2154 की जांच कराई गई है। सीएमएस डॉ. सुधीर कुमार गोयल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं का दो बार अल्ट्रासाउंड निशुल्क कराया जाता है। इसके बाद कराने पर उन्हें निजी सेंटर का शुल्क देना पड़ता है।




पत्र लिखा, मगर नहीं मिला रेडियोलॉजिस्ट
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि जिले में अल्ट्रासाउंड के लिए दिक्कत है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया, लेकिन अभी तक एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल सका। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज के दोनों अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद हैं। सीएचसी पर रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में मशीन नहीं खरीदी जा रही है।
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