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बर्खास्त दो शिक्षकों पर दर्ज होगी एफआईआर
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सुल्तानपुर। फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वालों पर शासन का शिकंजा कसता जा रहा है। जिले के कादीपुर व प्रतापपुर कमैैचा विकासखंड क्षेत्र में कार्यरत रहे दो बर्खास्त शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। दोनों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा की फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की थी। बीएसए ने संबंधित क्षेत्र के दोनों खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
कादीपुर विकासखंड क्षेत्र के विजेथुआ द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत शंभूनाथ करवाल ने वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी से संबद्ध फैज-ए-आम मॉडल डिग्री कॉलेज मथुरा से उत्तीर्ण बीएड की फर्जी डिग्री लगाई थी। एसटीएफ की जांच में प्रकरण की पुष्टि होने पर शंभूनाथ को बर्खास्त कर दिया गया है।
शंभूनाथ वाराणसी जिले के पिंडरा तहसील क्षेत्र के फूलपुर गांव का निवासी था। वहीं, जौनपुर जिले के मछलीशहर तहसील के माधवपुर गांव निवासी मोहनलाल शर्मा ने भी डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से संबद्ध महाविद्यालय की फर्जी डिग्री लगाकर रामपुर जिले में तैनाती पाई थी।
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बाद में अंतर जनपदीय तबादला लेकर जिले के प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय ढाखापुर राजेपुर में बतौर सहायक अध्यापक तैनात था। फर्जी डिग्री की पुष्टि होने पर मोहनलाल शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने डॉ. भीमराव आंबेडकर अवध विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 में फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्र धारी बर्खास्त शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। निदेशक ने प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना और रिकवरी सर्टिफिकेट की प्रति भी मंगाई है।
होगी वसूली : बीएसए
बीएसए संतोष कुमार सक्सेना ने कहा कि बर्खास्त शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही उनकी ओर से अर्जित वेतन आदि वसूली का भी निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी व वित्त एवं लेखाधिकारी को दिया गया है। दोनों पर प्राथमिकी व रिकवरी की कार्रवाई की सूचना शासन को भेजी जाएगी।
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कादीपुर विकासखंड क्षेत्र के विजेथुआ द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत शंभूनाथ करवाल ने वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी से संबद्ध फैज-ए-आम मॉडल डिग्री कॉलेज मथुरा से उत्तीर्ण बीएड की फर्जी डिग्री लगाई थी। एसटीएफ की जांच में प्रकरण की पुष्टि होने पर शंभूनाथ को बर्खास्त कर दिया गया है।
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शंभूनाथ वाराणसी जिले के पिंडरा तहसील क्षेत्र के फूलपुर गांव का निवासी था। वहीं, जौनपुर जिले के मछलीशहर तहसील के माधवपुर गांव निवासी मोहनलाल शर्मा ने भी डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से संबद्ध महाविद्यालय की फर्जी डिग्री लगाकर रामपुर जिले में तैनाती पाई थी।
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बाद में अंतर जनपदीय तबादला लेकर जिले के प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय ढाखापुर राजेपुर में बतौर सहायक अध्यापक तैनात था। फर्जी डिग्री की पुष्टि होने पर मोहनलाल शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने डॉ. भीमराव आंबेडकर अवध विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 में फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्र धारी बर्खास्त शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। निदेशक ने प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना और रिकवरी सर्टिफिकेट की प्रति भी मंगाई है।
होगी वसूली : बीएसए
बीएसए संतोष कुमार सक्सेना ने कहा कि बर्खास्त शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही उनकी ओर से अर्जित वेतन आदि वसूली का भी निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी व वित्त एवं लेखाधिकारी को दिया गया है। दोनों पर प्राथमिकी व रिकवरी की कार्रवाई की सूचना शासन को भेजी जाएगी।