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Sultanpur News: दोस्त रूठे तो एआई से कर रहे बात, स्क्रीन पर खोज रहे अपनापन
Tue, 01 Sep 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:17 AM IST
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सुल्तानपुर। किशोरों के बीच दोस्ती में आया मामूली मनमुटाव अब बेचैनी और तनाव का कारण बनता जा रहा है।
दोस्त का मेसेज न आना, सोशल मीडिया पर अनदेखा किया जाना या दोस्तों के ग्रुप से अचानक बाहर कर दिया जाना जैसी बातें अब छोटी नाराजगी नहीं रहीं।
मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में हर हफ्ते तीन से चार किशोर दोस्ती के तनाव और सामाजिक स्वीकार्यता की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुज वर्मा के अनुसार, सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी से लगातार तुलना, दोस्तों से स्वीकार्यता पाने का दबाव और ऑनलाइन दुनिया पर बढ़ती भावनात्मक निर्भरता तनाव को बढ़ा रही है। अकेलापन, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई में मन न लगना और नींद में बदलाव ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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दोस्त का मेसेज न आना, सोशल मीडिया पर अनदेखा किया जाना या दोस्तों के ग्रुप से अचानक बाहर कर दिया जाना जैसी बातें अब छोटी नाराजगी नहीं रहीं।
मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में हर हफ्ते तीन से चार किशोर दोस्ती के तनाव और सामाजिक स्वीकार्यता की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुज वर्मा के अनुसार, सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी से लगातार तुलना, दोस्तों से स्वीकार्यता पाने का दबाव और ऑनलाइन दुनिया पर बढ़ती भावनात्मक निर्भरता तनाव को बढ़ा रही है। अकेलापन, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई में मन न लगना और नींद में बदलाव ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।