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1607 गर्भवती का उपचार
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सुल्तानपुर। सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी पर चिकित्सा शिविर आयोजित किए गये। इसमें चिकित्सकों ने 1607 गर्भवती महिलाओं की जांच कर उपचार किया।
सीएमओ डॉ. धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रसव से पूर्व ही गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) का पता लगने पर उसे विशेष देखभाल, स्वास्थ्य सेवा और उचित परामर्श दिया जाता है। बुधवार को जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर चिकित्सकों ने कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच कर परामर्श दिया।
इसके साथ ही टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम व आवश्यक दवाएं भी मुफ्त में प्रदान की गईं। सीएमओ ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में कुल 1607 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से 64 एचआरपी गर्भवती चिह्नित की गई हैं। सभी गर्भवती महिलाओं को पोषण, स्वच्छता, विशेष देखभाल और सुरक्षित व संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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सीएमओ डॉ. धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रसव से पूर्व ही गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) का पता लगने पर उसे विशेष देखभाल, स्वास्थ्य सेवा और उचित परामर्श दिया जाता है। बुधवार को जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर चिकित्सकों ने कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड व अन्य जांच कर परामर्श दिया।
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इसके साथ ही टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम व आवश्यक दवाएं भी मुफ्त में प्रदान की गईं। सीएमओ ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में कुल 1607 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से 64 एचआरपी गर्भवती चिह्नित की गई हैं। सभी गर्भवती महिलाओं को पोषण, स्वच्छता, विशेष देखभाल और सुरक्षित व संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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