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Sultanpur News: पारंपरिक व्यंजन बनेंगे ब्रांड, खुलेंगे रोजगार के रास्ते
Tue, 05 May 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 05 May 2026 11:22 PM IST
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सुल्तानपुर। गलियों में बरसों से बसते स्वाद को अब पहचान और रोजगार का बड़ा जरिया बनाने की तैयारी है। कड़ाही पूड़ी, लाल पेड़ा और समोसा को ''''एक जिला-एक व्यंजन'''' योजना में शामिल कर ब्रांड बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना को शासन से मंजूरी मिल चुकी है, जिससे इन पारंपरिक व्यंजनों को जिले की खास पहचान मिलेगी। इसके तहत युवाओं, हलवाइयों और छोटे कारोबारियों को प्रशिक्षण, गुणवत्ता, पैकेजिंग व बाजार पहुंच की तकनीक सिखाई जाएगी। साथ ही स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी, बल्कि जिले की अलग पहचान भी बनेगी। सड़क किनारे बिकने वाला स्वाद अब पैकेजिंग के साथ बड़े बाजारों तक पहुंचेगा, जिससे आमदनी के नए अवसर खुलेंगे।
क्या बदलेगा इस पहल से-
पारंपरिक व्यंजन बनेंगे ब्रांड
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार
प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता
जिले की पहचान को नई मजबूती
शासन के निर्देश पर प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन मंजूरी के संबंध में अभी कोई आदेश नहीं मिला है। हालांकि यह पहल स्थानीय स्वाद को पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। -नेहा सिंह, उपायुक्त उद्योग
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उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना को शासन से मंजूरी मिल चुकी है, जिससे इन पारंपरिक व्यंजनों को जिले की खास पहचान मिलेगी। इसके तहत युवाओं, हलवाइयों और छोटे कारोबारियों को प्रशिक्षण, गुणवत्ता, पैकेजिंग व बाजार पहुंच की तकनीक सिखाई जाएगी। साथ ही स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी, बल्कि जिले की अलग पहचान भी बनेगी। सड़क किनारे बिकने वाला स्वाद अब पैकेजिंग के साथ बड़े बाजारों तक पहुंचेगा, जिससे आमदनी के नए अवसर खुलेंगे।
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क्या बदलेगा इस पहल से-
पारंपरिक व्यंजन बनेंगे ब्रांड
युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार
प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता
जिले की पहचान को नई मजबूती
शासन के निर्देश पर प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन मंजूरी के संबंध में अभी कोई आदेश नहीं मिला है। हालांकि यह पहल स्थानीय स्वाद को पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। -नेहा सिंह, उपायुक्त उद्योग
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