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गो-आश्रय स्थल पर चारा-पानी की न हो कमी : डीएम
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सुल्तानपुर। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार को डीएम रवीश गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई। सीवीओ डॉ. भूदेव सिंह ने बताया कि जिले में 27 गो-आश्रय स्थलों में कुल 2905 गोवंश संरक्षित हैं। 794 गोवंश पशुपालकों के सुपुर्द किए गए हैं।
इस पर डीएम ने गो-आश्रय स्थलों में भूसा गोदाम, नांद, कैटिल शेड, वाटर टैंक, प्रकाश व्यवस्था, हरा चारा, चूनी-चोकर आदि उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डीएम को बताया कि किन्हीं कारणवश गो-आश्रय स्थल पर गो-सेवक रात में निवास नहीं करते, इससे संरक्षित गोवंश के लिए दिक्कत आती है। डीएम ने बीडीओ व जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि गो-सेवकों के रहने की व्यवस्था कराई जाय।
बैठक के अंत में मौजूद सभी अधिकारियों को डीएम ने उनके क्षेत्र के गो-आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंशों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत तथा गो-आश्रय स्थलों से संबंधित पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे। (संवाद)
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इस पर डीएम ने गो-आश्रय स्थलों में भूसा गोदाम, नांद, कैटिल शेड, वाटर टैंक, प्रकाश व्यवस्था, हरा चारा, चूनी-चोकर आदि उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने डीएम को बताया कि किन्हीं कारणवश गो-आश्रय स्थल पर गो-सेवक रात में निवास नहीं करते, इससे संरक्षित गोवंश के लिए दिक्कत आती है। डीएम ने बीडीओ व जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि गो-सेवकों के रहने की व्यवस्था कराई जाय।
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बैठक के अंत में मौजूद सभी अधिकारियों को डीएम ने उनके क्षेत्र के गो-आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंशों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत तथा गो-आश्रय स्थलों से संबंधित पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे। (संवाद)
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