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Sultanpur News: बेरोजगारों को रास नहीं आ रहा रोजगार मेला 17-54-51
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सुल्तानपुर। सेवायोजन विभाग व श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से लगाया जाने वाला रोजगार मेला बेरोजगारों को रास नहीं आ रहा है। मेले में आने वाले आवेदकों की संख्या दिनों-दिन घटती जा रही है।
बुधवार को राजकीय आईटीआई पयागीपुर में आयोजित रोजगार मेले में 1905 पदों के सापेक्ष मात्र 340 आवेदन प्राप्त हुए। इसका मुख्य कारण कंपनियों की ओर से उम्मीद से कम सैलरी और बेहद सीमित समय के लिए नौकरी का ऑफर माना जा रहा है।
अंबेडकरनगर जिले के भीटी निवासी कपिल मुनि ने बताया कि पिछले साल उन्हें रोजगार मेले के माध्यम से निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। उनकी तैनाती हरिद्वार में हुई थी। सैलरी बहुत कम थी। किसी तरह गुजारा हो रहा था लेकिन एक साल पूरा होने के पहले ही अनुबंध खत्म होने का हवाला देकर नौकरी से निकाल दिया गया।
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जयसिंहपुर के अजय कुमार भी रोजगार की तलाश में मेले में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें भी रोजगार मेले में निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। कुछ महीनों की नौकरी के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया गया। उनका कहना था कि निजी कंपनियां प्रशिक्षुओं को स्थायी करने से बचती हैं। रोजगार मेले की यह बड़ी समस्या है।
आईटीआई डिप्लोमाधारी अलीगंज निवासी अतुल ने कहा कि वह सेल्स एंड मार्केटिंग सेक्टर में काम कर रहे हैं, जहां उनको करीब 30 हजार रुपये वेतन मिल रहा है। अपने ट्रेड के सेक्टर में कॅरिअर बनाने की आस लिए उन्होंने भी मेले में पंजीकरण कराया था। मेले में आई कंपनियां अधिकतम 18 हजार रुपये वेतन का ही ऑफर कर रही हैं।
प्रतापगढ़ जिले के मुजाही बाजार निवासी विनय गौतम का कहना था कि फंड-बोनस की सुविधा देने से बचने के लिए कंपनियां ट्रेनी के पद पर नियुक्त करती हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें किसी न किसी बहाने से निकाल दिया जाता है। इससे परेशानी होती है। 18 से 24 वर्ष उम्र की बाध्यता से भी समस्या होती है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्लेसमेंट सेल सभागार में आयोजित मेले में विभिन्न सेक्टरों की कुल छह कंपनियों ने सहभाग किया। जिला सेवायोजन अधिकारी डॉ. दिनकर ने बताया कि इन कंपनियों में कुल 1905 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे।
इसके सापेक्ष सिर्फ 340 उम्मीदवारों ने मेले में पंजीकरण कराया था। कंपनी के प्रतिनिधियों ने साक्षात्कार के बाद 201 योग्य उम्मीदवारों का मौके पर चयन किया। मेले में जिला सेवायोजन अधिकारी डॉ. दिनकर, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की कंचन पांडेय व राजकीय आईटीआई के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी सचिन नौटियाल ने सहयोग किया।
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बुधवार को राजकीय आईटीआई पयागीपुर में आयोजित रोजगार मेले में 1905 पदों के सापेक्ष मात्र 340 आवेदन प्राप्त हुए। इसका मुख्य कारण कंपनियों की ओर से उम्मीद से कम सैलरी और बेहद सीमित समय के लिए नौकरी का ऑफर माना जा रहा है।
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अंबेडकरनगर जिले के भीटी निवासी कपिल मुनि ने बताया कि पिछले साल उन्हें रोजगार मेले के माध्यम से निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। उनकी तैनाती हरिद्वार में हुई थी। सैलरी बहुत कम थी। किसी तरह गुजारा हो रहा था लेकिन एक साल पूरा होने के पहले ही अनुबंध खत्म होने का हवाला देकर नौकरी से निकाल दिया गया।
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जयसिंहपुर के अजय कुमार भी रोजगार की तलाश में मेले में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्हें भी रोजगार मेले में निजी कंपनी में नौकरी मिली थी। कुछ महीनों की नौकरी के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया गया। उनका कहना था कि निजी कंपनियां प्रशिक्षुओं को स्थायी करने से बचती हैं। रोजगार मेले की यह बड़ी समस्या है।
आईटीआई डिप्लोमाधारी अलीगंज निवासी अतुल ने कहा कि वह सेल्स एंड मार्केटिंग सेक्टर में काम कर रहे हैं, जहां उनको करीब 30 हजार रुपये वेतन मिल रहा है। अपने ट्रेड के सेक्टर में कॅरिअर बनाने की आस लिए उन्होंने भी मेले में पंजीकरण कराया था। मेले में आई कंपनियां अधिकतम 18 हजार रुपये वेतन का ही ऑफर कर रही हैं।
प्रतापगढ़ जिले के मुजाही बाजार निवासी विनय गौतम का कहना था कि फंड-बोनस की सुविधा देने से बचने के लिए कंपनियां ट्रेनी के पद पर नियुक्त करती हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें किसी न किसी बहाने से निकाल दिया जाता है। इससे परेशानी होती है। 18 से 24 वर्ष उम्र की बाध्यता से भी समस्या होती है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्लेसमेंट सेल सभागार में आयोजित मेले में विभिन्न सेक्टरों की कुल छह कंपनियों ने सहभाग किया। जिला सेवायोजन अधिकारी डॉ. दिनकर ने बताया कि इन कंपनियों में कुल 1905 रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे।
इसके सापेक्ष सिर्फ 340 उम्मीदवारों ने मेले में पंजीकरण कराया था। कंपनी के प्रतिनिधियों ने साक्षात्कार के बाद 201 योग्य उम्मीदवारों का मौके पर चयन किया। मेले में जिला सेवायोजन अधिकारी डॉ. दिनकर, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की कंचन पांडेय व राजकीय आईटीआई के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी सचिन नौटियाल ने सहयोग किया।