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Sultanpur News: गणित के सवालों ने उलझाया, भाषा ने कराई मेहनत
Sat, 07 Feb 2026 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:40 PM IST
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सुल्तानपुर। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) शनिवार को 15 केंद्रों पर आयोजित हुई। दोनों पालियों में 9600 सापेक्ष 8900 परीक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रथम पेपर में गणित के सवाल कठिन थे, जिसके लिए अभ्यर्थियों को अधिक मेहनत करनी पड़ी, वहीं, भाषा के प्रश्न भी आसान नहीं थे।
परीक्षा देने आए इंद्रभान यादव ने कहा कि पेपर पढ़ते ही समझ में आ गया था कि इस बार केवल रटने वाले ज्ञान से काम नहीं चलेगा। कॉन्सेप्ट आधारित सवाल अधिक आए थे। कई प्रश्न ऐसे थे, जिनमें विकल्प बहुत नजदीकी थे, जिससे सही उत्तर चुनना मुश्किल हो गया।
सुनील कुमार चौरसिया ने बताया कि समय इतना कम लग रहा था कि कई सवाल सोच-समझकर करने के बावजूद अधूरे छूट गए। शिक्षण विधि और बाल मनोविज्ञान से जुड़े प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर कर दिया।
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अखिलेश प्रजापति ने बताया कि पेपर अपेक्षाकृत कठिन था और समय प्रबंधन सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया। सवालों का स्तर काफी ऊंचा था। गणित के सवालों ने सबसे ज्यादा उलझाया। रफ वर्क अधिक करने से समय भी ज्यादा लगा।
धर्मेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बाल विकास और शिक्षा शास्त्र से उम्मीद से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। सभी सवाल आसान थे। इंग्लिश लैंग्वेज सेक्शन काफी आसान था और सवाल उम्मीद के मुताबिक पूछे गए थे। पर्यावरणीय अध्ययन के सवाल थोड़े मुश्किल लगे, लेकिन बाकी पेपर आसान था। सबसे अधिक परेशानी गणित के प्रश्नों को लेकर रही।
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परीक्षा देने आए इंद्रभान यादव ने कहा कि पेपर पढ़ते ही समझ में आ गया था कि इस बार केवल रटने वाले ज्ञान से काम नहीं चलेगा। कॉन्सेप्ट आधारित सवाल अधिक आए थे। कई प्रश्न ऐसे थे, जिनमें विकल्प बहुत नजदीकी थे, जिससे सही उत्तर चुनना मुश्किल हो गया।
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सुनील कुमार चौरसिया ने बताया कि समय इतना कम लग रहा था कि कई सवाल सोच-समझकर करने के बावजूद अधूरे छूट गए। शिक्षण विधि और बाल मनोविज्ञान से जुड़े प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर कर दिया।
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अखिलेश प्रजापति ने बताया कि पेपर अपेक्षाकृत कठिन था और समय प्रबंधन सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया। सवालों का स्तर काफी ऊंचा था। गणित के सवालों ने सबसे ज्यादा उलझाया। रफ वर्क अधिक करने से समय भी ज्यादा लगा।
धर्मेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बाल विकास और शिक्षा शास्त्र से उम्मीद से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। सभी सवाल आसान थे। इंग्लिश लैंग्वेज सेक्शन काफी आसान था और सवाल उम्मीद के मुताबिक पूछे गए थे। पर्यावरणीय अध्ययन के सवाल थोड़े मुश्किल लगे, लेकिन बाकी पेपर आसान था। सबसे अधिक परेशानी गणित के प्रश्नों को लेकर रही।