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जिला जेल में फंदे से लटकता मिला बंदी का शव
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सुल्तानपुर। हत्या के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध बंदी का शव बुधवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में गमछे के सहारे लटकता पाया गया। बंदी की मौत से नाराज कैदियों ने हंगामा शुरू कर दिया।
कारागार के बंदी जेल में वरिष्ठ अधिकारियों के आने की मांग पर अड़ गए। बंदियों का आरोप था कि कारागार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सूचना के बाद पहुंचे एसडीएम व सीओ सिटी के सामने शव को फंदे से नीचे उतारा गया।
अमेठी जिले के ताला निवासी राहुल सिंह को 30 अप्रैल 2021 को महराजगंज बाजार में गोली मार दी गई थी। उपचार के दौरान 30 अप्रैल की रात में ही राहुल सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस ने नरेंद्र बहादुर सिंह की तहरीर पर शैलेंद्र कुमार शुक्ल, शांतनु शुक्ल, शिवाकांत तिवारी, अजय कुमार सोनी, बजरंग सिंह, शिवम पांडेय, विपिन यादव उर्फ डीएम, आदेश सिंह और विशाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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इसी मामले में पुलिस ने विपिन यादव उर्फ डीएम पुत्र राम खेलावन निवासी सिलोखर थाना अमेठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विपिन यादव उर्फ डीएम जिला कारागार सुल्तानपुर के बैरक नंबर सात में बंद था। बुधवार की सुबह जेल के शौचालय के पास लगी पाइप के सहारे विपिन यादव का शव गमछे के फंदे से लटकता मिला। इसकी जानकारी मिलते ही कारागार के बंदी एकत्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
बंदियों का आरोप था कि कारागार प्रशासन बंदियों को प्रताड़ित करता है। खाना भी ठीक से नहीं देता है। बंदियों का कहना था कि जब तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जेल में नहीं पहुंचेगा तब तक शव को नीचे नहीं उतारने देंगे।
कारागार प्रशासन ने बंदी की मौत की सूचना जिला प्रशासन को दी। सूचना के बाद एसडीएम सदर रामजी लाल, सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी पुलिस के साथ जेल पहुंच गए। एसडीएम की मौजूदगी में शव को फंदे से नीचे उतारा गया।
जिला कारागार में शासन के आदेश पर पूर्व में जेल में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। बुधवार को शौचालय के पास का कैमरा बंद था। कैमरा बंद होने पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला कारागार में बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को जिला कारागार प्रशासन छिपाने में लगा रहा। बुधवार की सुबह बंदी विपिन यादव की मौत की जानकारी जिला कारागार प्रशासन ने शाम छह बजे तक मीडिया को नहीं दी।
जेल अधीक्षक उमेश सिंह का सीयूजी नंबर-9454418313 और जेलर अपूर्व वत्स पाठक के सीयूजी नंबर 9454418314 पर कई बार फोन किया जाता रहा और घंटी जाने के बावजूद फोन नहीं उठा।
जिला कारागार में बंदी की मौत की जानकारी जब जिला कारागार प्रशासन ने नहीं दी तब एसडीएम सदर रामजी लाल खुद मीडिया के सामने आए। एसडीएम ने बताया कि मृतक विपिन यादव हत्या के मामले में बंद था। उसका शव फंदे से लटकता पाया गया है। मृतक के परिवारीजनों को इसकी सूचना दे दी गई है और उसके परिवारीजन भी पहुंच गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
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कारागार के बंदी जेल में वरिष्ठ अधिकारियों के आने की मांग पर अड़ गए। बंदियों का आरोप था कि कारागार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सूचना के बाद पहुंचे एसडीएम व सीओ सिटी के सामने शव को फंदे से नीचे उतारा गया।
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अमेठी जिले के ताला निवासी राहुल सिंह को 30 अप्रैल 2021 को महराजगंज बाजार में गोली मार दी गई थी। उपचार के दौरान 30 अप्रैल की रात में ही राहुल सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस ने नरेंद्र बहादुर सिंह की तहरीर पर शैलेंद्र कुमार शुक्ल, शांतनु शुक्ल, शिवाकांत तिवारी, अजय कुमार सोनी, बजरंग सिंह, शिवम पांडेय, विपिन यादव उर्फ डीएम, आदेश सिंह और विशाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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इसी मामले में पुलिस ने विपिन यादव उर्फ डीएम पुत्र राम खेलावन निवासी सिलोखर थाना अमेठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विपिन यादव उर्फ डीएम जिला कारागार सुल्तानपुर के बैरक नंबर सात में बंद था। बुधवार की सुबह जेल के शौचालय के पास लगी पाइप के सहारे विपिन यादव का शव गमछे के फंदे से लटकता मिला। इसकी जानकारी मिलते ही कारागार के बंदी एकत्र हो गए और हंगामा शुरू कर दिया।
बंदियों का आरोप था कि कारागार प्रशासन बंदियों को प्रताड़ित करता है। खाना भी ठीक से नहीं देता है। बंदियों का कहना था कि जब तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जेल में नहीं पहुंचेगा तब तक शव को नीचे नहीं उतारने देंगे।
कारागार प्रशासन ने बंदी की मौत की सूचना जिला प्रशासन को दी। सूचना के बाद एसडीएम सदर रामजी लाल, सीओ सिटी राघवेंद्र चतुर्वेदी पुलिस के साथ जेल पहुंच गए। एसडीएम की मौजूदगी में शव को फंदे से नीचे उतारा गया।
जिला कारागार में शासन के आदेश पर पूर्व में जेल में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। बुधवार को शौचालय के पास का कैमरा बंद था। कैमरा बंद होने पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला कारागार में बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को जिला कारागार प्रशासन छिपाने में लगा रहा। बुधवार की सुबह बंदी विपिन यादव की मौत की जानकारी जिला कारागार प्रशासन ने शाम छह बजे तक मीडिया को नहीं दी।
जेल अधीक्षक उमेश सिंह का सीयूजी नंबर-9454418313 और जेलर अपूर्व वत्स पाठक के सीयूजी नंबर 9454418314 पर कई बार फोन किया जाता रहा और घंटी जाने के बावजूद फोन नहीं उठा।
जिला कारागार में बंदी की मौत की जानकारी जब जिला कारागार प्रशासन ने नहीं दी तब एसडीएम सदर रामजी लाल खुद मीडिया के सामने आए। एसडीएम ने बताया कि मृतक विपिन यादव हत्या के मामले में बंद था। उसका शव फंदे से लटकता पाया गया है। मृतक के परिवारीजनों को इसकी सूचना दे दी गई है और उसके परिवारीजन भी पहुंच गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।