{"_id":"69838fa2429d0d6f1003a3d0","slug":"the-court-has-sought-a-response-from-the-district-magistrate-circle-officer-and-tehsildar-sultanpur-news-c-103-1-slko1043-149564-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: कोर्ट ने डीएम, सीओ व तहसीलदार से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: कोर्ट ने डीएम, सीओ व तहसीलदार से मांगा जवाब
Wed, 04 Feb 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद विवादित भूमि की गलत तरीके से नाप कराने व कब्जा कराने के प्रयास से जुड़े मामले में एसडीएम लंभुआ व तत्कालीन थाना प्रभारी सहित पांच नामजद व 20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश अर्जी पर बुधवार को सुनवाई हुई।
इस मामले में जिम्मेदार अफसरों की रिपोर्ट नहीं आने पर सीजेएम नवनीत सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने इस मामले में डीएम, सीओ व तहसीलदार लंभुआ को 20 फरवरी तक जवाब पेश करने का आदेश दिया है। लंभुआ थाने के वैनी निवासी रघुवीर धुरिया ने सीजेएम कोर्ट में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अर्जी दी है।
आरोप के मुताबिक, सिविल कोर्ट से विवादित जमीन के संबंध में स्थगन आदेश होने के बावजूद गत 21 अक्तूबर को ग्राम प्रधान, प्रधानपति, लेखपाल, तत्कालीन कोतवाल, एसडीएम ने अन्य 20 आरोपियों के साथ जबरन नाप जोख व कब्जे का प्रयास किया। मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मामले में जिम्मेदार अफसरों की रिपोर्ट नहीं आने पर सीजेएम नवनीत सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने इस मामले में डीएम, सीओ व तहसीलदार लंभुआ को 20 फरवरी तक जवाब पेश करने का आदेश दिया है। लंभुआ थाने के वैनी निवासी रघुवीर धुरिया ने सीजेएम कोर्ट में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अर्जी दी है।
विज्ञापन
आरोप के मुताबिक, सिविल कोर्ट से विवादित जमीन के संबंध में स्थगन आदेश होने के बावजूद गत 21 अक्तूबर को ग्राम प्रधान, प्रधानपति, लेखपाल, तत्कालीन कोतवाल, एसडीएम ने अन्य 20 आरोपियों के साथ जबरन नाप जोख व कब्जे का प्रयास किया। मामले में संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली है। (संवाद)
विज्ञापन