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Sultanpur News: किशोर की हत्या में सजा बहाली के बाद सजायाफ्ता ने किया सरेंडर
Thu, 05 Feb 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:07 PM IST
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सुल्तानपुर। हत्या के 45 साल पुराने मामले में हाईकोर्ट से सेशन कोर्ट के फैसले पर मुहर लगने के बाद सजायाफ्ता सगीर अहमद ने बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने दोषी सगीर अहमद को सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर में 14 अप्रैल साल 1981 को स्थानीय थाने के रहने वाले अब्दुल बशीर के पुत्र रेहान (10) की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में लखनऊ के चौक कोतवाली के जमवारी टोला निवासी कथित मामू सगीर अहमद का नाम सामने आया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने सगीर के खिलाफ विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र पेश किया। सेशन कोर्ट ने 25 अगस्त साल 1984 को सगीर अहमद को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई थी। उसे अदालत ने सजा काटने के लिए जेल भेज दिया था। सेशन कोर्ट के इस फैसले को दोषी सगीर अहमद ने हाईकोर्ट में अपील दायर करते हुए चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अपील के विचारण के दौरान उसे जमानत पर रिहा कर दिया था।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गत 22 जनवरी को अपीलकर्ता सगीर अहमद की अपील निरस्त कर सेशन कोर्ट के आदेश को बहाल कर दिया। हाईकोर्ट ने दोषी सगीर अहमद को सजा काटने के लिए दो सप्ताह में सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। संवाद
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अमेठी जिले के जगदीशपुर में 14 अप्रैल साल 1981 को स्थानीय थाने के रहने वाले अब्दुल बशीर के पुत्र रेहान (10) की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में लखनऊ के चौक कोतवाली के जमवारी टोला निवासी कथित मामू सगीर अहमद का नाम सामने आया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने सगीर के खिलाफ विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र पेश किया। सेशन कोर्ट ने 25 अगस्त साल 1984 को सगीर अहमद को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई थी। उसे अदालत ने सजा काटने के लिए जेल भेज दिया था। सेशन कोर्ट के इस फैसले को दोषी सगीर अहमद ने हाईकोर्ट में अपील दायर करते हुए चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अपील के विचारण के दौरान उसे जमानत पर रिहा कर दिया था।
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गत 22 जनवरी को अपीलकर्ता सगीर अहमद की अपील निरस्त कर सेशन कोर्ट के आदेश को बहाल कर दिया। हाईकोर्ट ने दोषी सगीर अहमद को सजा काटने के लिए दो सप्ताह में सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। संवाद
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