फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   The constable caught hold of the lawyer by his collar and tried to kill him.

Sultanpur News: सिपाही ने वकील का पकड़ा कॉलर, मारने के लिए दौड़ाया

Wed, 24 Jul 2024 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Wed, 24 Jul 2024 01:04 AM IST
विज्ञापन
The constable caught hold of the lawyer by his collar and tried to kill him.
सुल्तानपुर। नगर कोतवाली में अपने मुवक्किल की पैरवी करने पहुंचे एक वकील का सिपाही ने कॉलर पकड़ लिया, फर्जी केस में जेल भेजने की धमकी दी, गालियां दीं और मारने के लिए दौड़ाया। यह आरोप लगाते हुए 100 से ज्यादा अधिवक्ताओं ने चार घंटे तक कोतवाली में धरना दिया, नारेबाजी की, लेकिन अधिकारी केस दर्ज करने को राजी नहीं हुए। आखिरकार विभागीय जांच के नाम पर धरना खत्म हुआ। हालांकि पीड़ित अधिवक्ता का दावा है कि एएसपी ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन



यह घटना अधिवक्ता हिमांशु मिश्र के साथ हुई। उनके एक मुवक्किल के भोजनालय का बोर्ड हटाने के लिए पुलिस लगातार दबाव बना रही थी। इसी मामले में पैरवी के लिए वह मंगलवार को दोपहर कोतवाली पहुंचे। अधिवक्ता हिमांशु का आरोप है कि एक मामले में चार्जशीट लगवाने के लिए कोतवाली के एक सिपाही ने उनसे 25 हजार रुपये की मांग की थी। किंतु उन्होंने कोतवाल से बात की तो वह काम बिना किसी रिश्वत के हो गया था। इसलिए सिपाही उनसे खार खाए हुए था। जैसे ही वह कोतवाली के कंप्यूटर रूम पहुंचे, वहां मौजूद उस सिपाही ने उनके साथ गालीगलौज और धक्कामुक्की की। जब वह बाहर भागे तो उन्हें गेट तक खदेड़ दिया। हिमांशु का कहना है कि यदि कोतवाल की गाड़ी उस समय न आती तो सिपाही न जाने उनके साथ क्या सुलूक करता।
विज्ञापन



इस घटना के बाद हिमांशु ने अधिवक्ता साथियों को जानकारी दी और वहीं धरने पर बैठ गए। करीब 12:30 बजे शुरू हुए इस धरने में शाम तक अधिवक्ता जुड़ते रहे और 100 से ज्यादा अधिवक्ता धरने में शामिल हुए। अधिवक्ताओं की मांग थी कि आरोपी सिपाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और सिपाही को सस्पेंड किया जाए। इस बीच पुलिस के अधिकारियों ने भी अधिवक्ताओं से वार्ता की और काफी दबाव बनने के बाद एएसपी कोतवाली पहुंचे। वहां पर अधिवक्ता हिमांशु मिश्र का दावा है कि उन्होंने सिपाही को तत्काल सस्पेंड करने का दावा उनसे किया। हालांकि बाद में एएसपी ने कहा कि इस मामले की विभागीय जांच होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन







नहीं देखा गया सीसीटीवी
अधिवक्ताओं के लाख प्रयास के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने न तो उन्हें सीसीटीवी दिखाया और न ही उसकी रिकाॅर्डिंग ही दी। जबकि पीड़ित अधिवक्ता का दावा है कि उसमें पूरा घटनाक्रम कैद है।




कोतवाली में सुनाई गई पुलिस भ्रष्टाचार की दास्तां
अधिवक्ताओं के धरने के दौरान पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे ही नहीं गूंजे। बल्कि अधिवक्ता खुले आम पुलिस के भ्रष्टाचार की कहानियां एक-दूसरे को सुनाते रहे। जिस मामले की पैरवी के लिए गए अधिवक्ता के साथ बदसुलूकी हुई है, अधिवक्ता का वह मुवक्किल भी इसी तरह के भ्रष्टाचार और दबाव का शिकार बताया जाता रहा। इसके अलावा अनेक किस्से सुनाए जाते रहे, जिन्हें पुलिस कर्मचारी भी सुनते रहे, लेकिन वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।



आपस का मामला था निपट गया : एएसपी
एएसपी अरुण चंद्रा ने बताया कि कोई खास विवाद नहीं था, आपस का मामला था जो निपट गया। इस मामले में क्या किसी पर कार्रवाई हुई है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि विभागीय जांच की जाएगी, एसपी किसी को जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे। क्या सिपाही को सस्पेंड किया गया है? इस सवाल पर उन्होंने कूटनीतिक जवाब देते हुए कहा कि विभागीय जांच का बड़ा लंबा दायरा है।





तहरीर बदलवाने के आरोपी को भी मिल गई क्लीनचिट
सुल्तानपुर। शिक्षिका के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और धमकी आदि के जिस मामले में पुलिस ने बाद में मद्रास गन हाउस संचालक के बेटे को जेल भेजा। उसमें पीड़िता के पिता ने एक चौकी इंचार्ज पर तहरीर बदलवाने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच एसपी ने सीओ सिटी को सौंपी थी। किंतु इस मामले में सीओ ने आरोपी चौकी इंचार्ज को क्लीनचिट दे दी है। सीओ सिटी शिवम मिश्रा का कहना है कि पीड़िता के पिता ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने खुद ही पहले गलत तहरीर दी थी। इसमें चौकी इंचार्ज की कोई भूमिका नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed