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सड़क की मरम्मत किए बिना चली गई कंपनी
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सुल्तानपुर। काफी जद्दोजहद के बाद कस्बे से गुजरने वाली खस्ताहाल सड़क का मरम्मत कार्य शुरू हुआ लेकिन निर्माणाधीन कंपनी के कर्मचारी उसे अधर में छोड़कर चले गए। सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं होने से किसान संगठनों व व्यापारियों में रोष है।
किसान संगठनों व व्यापारी संगठनों ने कस्बे की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराए जाने के लिए काफी संघर्ष किया था। फिर भी सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका। सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। फोरलेन के निर्माण कार्य से लंभुआ कस्बे को बाईपास की सौगात मिली थी।
बाईपास का निर्माण कार्य शुरू होते ही कस्बे से गुजरने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। काफी समय तक जब किसी जिम्मेदार का ध्यान सड़क तक नहीं गया तो सामाजिक संगठनों ने इसके लिए संघर्ष करने की ठानी।
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किसान संगठन ने 45 दिन धरना दिया। निर्माणाधीन कंपनी के कैंप कार्यालय का भी घेराव किया। व्यापारी संगठनों ने भी कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर कस्बे की क्षतिग्रस्त सड़क का मुद्दा उठाया।
काफी जद्दोजहद के बाद सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ लेकिन अधर में छोड़ कर निर्माणाधीन कंपनी चली गई। राहगीरों को अधूरी खस्ताहाल सड़क पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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किसान संगठनों व व्यापारी संगठनों ने कस्बे की क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराए जाने के लिए काफी संघर्ष किया था। फिर भी सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका। सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। फोरलेन के निर्माण कार्य से लंभुआ कस्बे को बाईपास की सौगात मिली थी।
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बाईपास का निर्माण कार्य शुरू होते ही कस्बे से गुजरने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। काफी समय तक जब किसी जिम्मेदार का ध्यान सड़क तक नहीं गया तो सामाजिक संगठनों ने इसके लिए संघर्ष करने की ठानी।
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किसान संगठन ने 45 दिन धरना दिया। निर्माणाधीन कंपनी के कैंप कार्यालय का भी घेराव किया। व्यापारी संगठनों ने भी कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर कस्बे की क्षतिग्रस्त सड़क का मुद्दा उठाया।
काफी जद्दोजहद के बाद सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ लेकिन अधर में छोड़ कर निर्माणाधीन कंपनी चली गई। राहगीरों को अधूरी खस्ताहाल सड़क पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।