{"_id":"621139c648c73b1cae582080","slug":"teacher-sultanpur-news-lko618568136","type":"story","status":"publish","title_hn":"खोजे नहीं मिल रहे दिव्यांग कोटे के 10 शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खोजे नहीं मिल रहे दिव्यांग कोटे के 10 शिक्षक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। दिव्यांग कोटे के तहत वर्ष 2007 से अद्यतन चयनित शिक्षकों का स्वास्थ्य परीक्षण मेडिकल बोर्ड गठित कर कराया जाना था। इसके लिए पूरे प्रदेश के 173 शिक्षकों की सूची जारी की गई थी। इसमें जिले से भी 10 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इन शिक्षकों का पोर्टल पर डाटा नहीं मिल रहा है। अब बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर अविलंब सूचना उपलब्ध कराने को कहा है।
न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2016 से 2021 के मध्य गठित मेडिकल बोर्ड में अनुपस्थित शिक्षकों के संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने बीएसए को पत्र भेजा है। पत्र में जिले से 10 शिक्षकों का नाम है, जो 2007 व 2008 में चयनित हुए हैं। इन शिक्षकों का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना है। पोर्टल पर जिला मुख्यालय में सर्च करने पर इन शिक्षकों का पता नहीं चल पा रहा है। बीएसए दीवान सिंह यादव ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों की सूची में शामिल सहायक अध्यापकों-प्रधानाध्यापकों के कार्यस्थल की सूचना अविलंब उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद उसे प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा।
इन शिक्षकों की हो रही खोज
मेडिकल बोर्ड के समक्ष अनुपस्थित रहे जिन 10 शिक्षकों के कार्यस्थल की खोज हो रही है। उसमें रामनयन, पलकधारी राम, जंग बहादुर, दिनेश कुमार शुक्ला, राममिलन पाल, ममता सिंह, योगेंद्र प्रताप त्रिवेदी, ममता गौतम, शाहिदा बानो और कुमारी लालसी शामिल हैं। सात शिक्षकों का चयन वर्ष 2007 में तथा तीन शिक्षकों का चयन वर्ष 2008 में हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2016 से 2021 के मध्य गठित मेडिकल बोर्ड में अनुपस्थित शिक्षकों के संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने बीएसए को पत्र भेजा है। पत्र में जिले से 10 शिक्षकों का नाम है, जो 2007 व 2008 में चयनित हुए हैं। इन शिक्षकों का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना है। पोर्टल पर जिला मुख्यालय में सर्च करने पर इन शिक्षकों का पता नहीं चल पा रहा है। बीएसए दीवान सिंह यादव ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों की सूची में शामिल सहायक अध्यापकों-प्रधानाध्यापकों के कार्यस्थल की सूचना अविलंब उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद उसे प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
इन शिक्षकों की हो रही खोज
मेडिकल बोर्ड के समक्ष अनुपस्थित रहे जिन 10 शिक्षकों के कार्यस्थल की खोज हो रही है। उसमें रामनयन, पलकधारी राम, जंग बहादुर, दिनेश कुमार शुक्ला, राममिलन पाल, ममता सिंह, योगेंद्र प्रताप त्रिवेदी, ममता गौतम, शाहिदा बानो और कुमारी लालसी शामिल हैं। सात शिक्षकों का चयन वर्ष 2007 में तथा तीन शिक्षकों का चयन वर्ष 2008 में हुआ था।
विज्ञापन