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Sultanpur News: नरायनपुर में हर घर लगा नल, पर नहीं मिला जल
Tue, 17 Sep 2024 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 17 Sep 2024 01:56 AM IST
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नरायनपुर वार्ड में स्थित ओवरहेड टैंंक।
सुल्तानपुर। शहर के नरायनपुर वार्ड में करीब तीन साल पहले अमृत योजना के तहत ओवरहेड टैंक की स्थापना कर 1475 पानी के नए कनेक्शन किए गए। मगर अभी तक एक भी कनेक्शनधारक को जलापूूर्ति नहीं दी जा सकी है। वार्ड के लोगों को निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था देने के लिए न तो जल निगम के अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही नगर पालिका में सुनवाई हो रही है। पीने के पानी के लिए वार्ड की करीब पांच हजार आबादी को हैंडपंप व वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार अंतिम बार वर्ष 1985 में हुआ था। नगर पालिका को बी श्रेणी का दर्जा हासिल है। शहर के अन्य वार्डों में तो नगर पालिका की ओर से पानी आपूर्ति लाइन का विस्तार किया गया, लेकिन वार्ड नंबर दो नरायनपुर व सौरमऊ के कुछ क्षेत्र में पानी का कनेक्शन नहीं किया गया। करीब छह साल पहले अमृत योजना के अंतर्गत जल निगम की ओर से नरायनपुर वार्ड में 450 किलोलीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया। इसके बाद वार्ड में पाइप लाइन बिछाकर करीब 1475 पानी के नए कनेक्शन किए गए।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि पानी के कनेक्शन हुए करीब तीन साल का समय बीत चुका है। टोटियों में जंक लग गया है, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं मिली। जल निगम ने यहां पर फाइनल टेस्टिंग करके नगर पालिका को नए कनेेक्शन भी हैंडओवर नहीं किए। शहर के 25 में से यही एक वार्ड ऐसा है, जहां निर्बाध जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। वार्ड के लोगों को हैंडंपंप, आरओ वाटर समेत अन्य वैकल्पिक व्यवस्था से जलापूर्ति का इंतजाम करना पड़ रहा है।
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नहीं मिलता नगर पालिका को जलकर
नरायनपुर वार्ड में अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं दी जा सकी है। यही एक ऐसा वार्ड है जहां से नगर पालिका को सिर्फ गृहकर के रूप में राजस्व मिलता है। जलकर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो जब तक नए कनेक्शन उन्हें हैंडओवर नहीं किए जाएंगे। तब तक जलकर का निर्धारण नहीं किया जा सकता है।
कर रहे इंतजार, नहीं आया पानी
जब पाइप लाइन बिछाई गई तो लगा कि अब 24 घंटे पानी मिलने लगेगा। तीन साल का समय बीत चुका है। पानी नहीं आया।
-राजेश सिंह।
नहीं हो रही कोई सुनवाई
हम लोग नगर पालिका व जल निगम के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं। निर्बाध जलापूर्ति के लिए कहीं कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।
-प्रदीप श्रीवास्तव।
टोटियों में लग गया जंक
जब घर में नया कनेक्शन हुआ तो खुशी मिली कि अब इससे हर समय पानी मिलने लगेगा। तीन साल से पानी नहीं आया तो टोटियों में जंक लग गया है।
- वंदना मिश्रा।
पानी में बह गया पैसा
सरकारी योजना का पैसा पानी में बह गया है। पीने के पानी के लिए हम खुद की प्रबंध कर रहे हैं। पानी की टंकी पर ताला बंद हो गया है।
मुनेंद्र मिश्र।
नहीं दे सकते जानकारी
नरायनपुर वार्ड में पानी का कनेक्शन तीन साल पहले हुआ था। अभी तक आपूर्ति किस वजह से नहीं हो पा रही है। इसके बारे में पता नहीं है। जेई से जानकारी लेकर ही कुछ बताया जा सकता है।
-सुभाष कनौजिया, सहायक अभियंता, जल निगम
जल निगम के एक्सईएन ने दिया आश्वासन
नए कनेक्शनों की जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता को लिखित रूप से दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जल्द ही टीम गठित कर नए कनेक्शनों से जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगेे।
- लाल चंद्र सरोज, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
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नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार अंतिम बार वर्ष 1985 में हुआ था। नगर पालिका को बी श्रेणी का दर्जा हासिल है। शहर के अन्य वार्डों में तो नगर पालिका की ओर से पानी आपूर्ति लाइन का विस्तार किया गया, लेकिन वार्ड नंबर दो नरायनपुर व सौरमऊ के कुछ क्षेत्र में पानी का कनेक्शन नहीं किया गया। करीब छह साल पहले अमृत योजना के अंतर्गत जल निगम की ओर से नरायनपुर वार्ड में 450 किलोलीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया। इसके बाद वार्ड में पाइप लाइन बिछाकर करीब 1475 पानी के नए कनेक्शन किए गए।
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स्थानीय निवासी बताते हैं कि पानी के कनेक्शन हुए करीब तीन साल का समय बीत चुका है। टोटियों में जंक लग गया है, लेकिन पानी की एक बूंद भी नहीं मिली। जल निगम ने यहां पर फाइनल टेस्टिंग करके नगर पालिका को नए कनेेक्शन भी हैंडओवर नहीं किए। शहर के 25 में से यही एक वार्ड ऐसा है, जहां निर्बाध जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। वार्ड के लोगों को हैंडंपंप, आरओ वाटर समेत अन्य वैकल्पिक व्यवस्था से जलापूर्ति का इंतजाम करना पड़ रहा है।
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नहीं मिलता नगर पालिका को जलकर
नरायनपुर वार्ड में अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं दी जा सकी है। यही एक ऐसा वार्ड है जहां से नगर पालिका को सिर्फ गृहकर के रूप में राजस्व मिलता है। जलकर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नगर पालिका के अधिकारियों की मानें तो जब तक नए कनेक्शन उन्हें हैंडओवर नहीं किए जाएंगे। तब तक जलकर का निर्धारण नहीं किया जा सकता है।
कर रहे इंतजार, नहीं आया पानी
जब पाइप लाइन बिछाई गई तो लगा कि अब 24 घंटे पानी मिलने लगेगा। तीन साल का समय बीत चुका है। पानी नहीं आया।
-राजेश सिंह।
नहीं हो रही कोई सुनवाई
हम लोग नगर पालिका व जल निगम के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं। निर्बाध जलापूर्ति के लिए कहीं कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।
-प्रदीप श्रीवास्तव।
टोटियों में लग गया जंक
जब घर में नया कनेक्शन हुआ तो खुशी मिली कि अब इससे हर समय पानी मिलने लगेगा। तीन साल से पानी नहीं आया तो टोटियों में जंक लग गया है।
- वंदना मिश्रा।
पानी में बह गया पैसा
सरकारी योजना का पैसा पानी में बह गया है। पीने के पानी के लिए हम खुद की प्रबंध कर रहे हैं। पानी की टंकी पर ताला बंद हो गया है।
मुनेंद्र मिश्र।
नहीं दे सकते जानकारी
नरायनपुर वार्ड में पानी का कनेक्शन तीन साल पहले हुआ था। अभी तक आपूर्ति किस वजह से नहीं हो पा रही है। इसके बारे में पता नहीं है। जेई से जानकारी लेकर ही कुछ बताया जा सकता है।
-सुभाष कनौजिया, सहायक अभियंता, जल निगम
जल निगम के एक्सईएन ने दिया आश्वासन
नए कनेक्शनों की जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता को लिखित रूप से दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जल्द ही टीम गठित कर नए कनेक्शनों से जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगेे।
- लाल चंद्र सरोज, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका