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इलाज में लापरवाही पड़ी भारी, दो शिक्षक सस्पेंड
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सुल्तानपुर। कादीपुर क्षेत्र के पोखरदहा प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा तीन के छात्र की बाउंड्रीवॉल गिरने से दबकर मौत हो गई थी। खंड शिक्षाधिकारियों की ओर से की गई मामले की जांच के बाद दो सहायक अध्यापकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। दोनों सहायक अध्यापकों को बीएसए ने निलंबित कर दिया है।
पोखरदहा निवासी सुधाकर सिंह का पुत्र सुधांशु कक्षा तीन में अध्ययनरत था। मध्याह्न भोजन के दौरान वह किचन शेड की तरफ जा रहा था. तभी बाउंड्रीवॉल की दीवार भर-भराकर ढह गई। दीवार के नीचे सुधांशु दबकर घायल हो गया। मौके पर मौजूद सहायक अध्यापक अनवर रजा व अमर बहादुर छात्र को प्राथमिक उपचार के लिए सूरापुर ले गए, जहां चिकित्सक ने बच्चे की हालत ठीक बताते हुए किसी अन्य अस्पताल में जांच कराकर दवा कराने की सलाह दी। उसके बाद दोनों अध्यापकों ने छात्र सुधांशु को घर लाकर छोड़ दिया। बाद में परिवारीजन उसे लेकर शाहगंज गए, जहां चिकित्सकों ने इलाज में असमर्थता जताई तो सुल्तानपुर जिला मुख्यालय ला रहे थे। समय से सही इलाज नहीं मिलने की वजह से छात्र सुधांशु की रास्ते में ही मौत हो गई।
मृत छात्र के परिवारीजनों ने बीएसए से मुलाकात कर दोनों अध्यापकों पर समय से इलाज न कराने का आरोप लगाया था। परिवारीजनों ने बताया था कि घायल बच्चे को घर पर रखे तख्त पर लिटाकर शिक्षक चले गए थे। बीएसए दीवान सिंह यादव ने कादीपुर खंड शिक्षाधिकारी से मामले की जांच कराई। जांच में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई। मामले में सहायक अध्यापक अनवर रजा व अमर बहादुर को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। दोनों अध्यापकों को खंड शिक्षाधिकारी मोतिगरपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इसी मामले में प्रधानाध्यापक नीलम श्रीवास्तव को भी निलंबित किया जा चुका है। विद्यालय में पांच शिक्षक और एक शिक्षामित्र कार्यरत हैं। हादसे वाले दिन दो शिक्षक व शिक्षामित्र अवकाश पर थे। प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षकों के निलंबित हो जाने से अब विद्यालय में दो सहायक अध्यापक व एक शिक्षामित्र बचे हैं।
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पोखरदहा निवासी सुधाकर सिंह का पुत्र सुधांशु कक्षा तीन में अध्ययनरत था। मध्याह्न भोजन के दौरान वह किचन शेड की तरफ जा रहा था. तभी बाउंड्रीवॉल की दीवार भर-भराकर ढह गई। दीवार के नीचे सुधांशु दबकर घायल हो गया। मौके पर मौजूद सहायक अध्यापक अनवर रजा व अमर बहादुर छात्र को प्राथमिक उपचार के लिए सूरापुर ले गए, जहां चिकित्सक ने बच्चे की हालत ठीक बताते हुए किसी अन्य अस्पताल में जांच कराकर दवा कराने की सलाह दी। उसके बाद दोनों अध्यापकों ने छात्र सुधांशु को घर लाकर छोड़ दिया। बाद में परिवारीजन उसे लेकर शाहगंज गए, जहां चिकित्सकों ने इलाज में असमर्थता जताई तो सुल्तानपुर जिला मुख्यालय ला रहे थे। समय से सही इलाज नहीं मिलने की वजह से छात्र सुधांशु की रास्ते में ही मौत हो गई।
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मृत छात्र के परिवारीजनों ने बीएसए से मुलाकात कर दोनों अध्यापकों पर समय से इलाज न कराने का आरोप लगाया था। परिवारीजनों ने बताया था कि घायल बच्चे को घर पर रखे तख्त पर लिटाकर शिक्षक चले गए थे। बीएसए दीवान सिंह यादव ने कादीपुर खंड शिक्षाधिकारी से मामले की जांच कराई। जांच में शिक्षकों की लापरवाही उजागर हुई। मामले में सहायक अध्यापक अनवर रजा व अमर बहादुर को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। दोनों अध्यापकों को खंड शिक्षाधिकारी मोतिगरपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इसी मामले में प्रधानाध्यापक नीलम श्रीवास्तव को भी निलंबित किया जा चुका है। विद्यालय में पांच शिक्षक और एक शिक्षामित्र कार्यरत हैं। हादसे वाले दिन दो शिक्षक व शिक्षामित्र अवकाश पर थे। प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षकों के निलंबित हो जाने से अब विद्यालय में दो सहायक अध्यापक व एक शिक्षामित्र बचे हैं।
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