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सुल्तानपुर: निर्माणधीन इमारत ढही, दो मजदूर भाईयों समेत तीन की मौत; रात भर चला रेस्क्यू अभियान
Tue, 23 Sep 2025 09:33 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, सुल्तानपुर
अमर उजाला संवाद, सुल्तानपुर
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 23 Sep 2025 09:33 AM IST
सार
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी मलबे से कुल चार मजदूरों को निकाला गया है। नीचे मलबे में दबे अन्य मजदूरों की तलाश की जा रही है।
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मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
लंभुआ के धरियामऊ में निर्माणाधीन मकान की छत ढलते ही अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे में दो सगे मजदूर भाइयों समेत तीन की मलबे में दब जाने से मौत हो गई। तीसरे व्यक्ति की पहचान नहीं हुई है। देर रात एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने दो मौत की पुष्टि किया है। चार मजदूरों में से दो का सीएचसी लंभुआ और दो का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अयोध्या एसडीआरएफ की टीम के साथ देर रात वाराणसी की टीम भी मौके पर राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंची। सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिले के अलावा अमेठी और प्रतापगढ़ से भी फोर्स बुलाई गई। डीएम-एसपी ने मातहत अधिकारियों के साथ मौके पर कैम्प किया है। घटना लंभुआ कोतवाली अंतर्गत धरियामऊ गांव की है।
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जानकारी के अनुसार, मनोज का गांव में मकान है, जो मुंबई में रहते हैं। उन्होंने मकान निर्माण का ठेका राम मिलन वर्मा को दे रखा था। सोमवार को उनके मकान में 20×30 एरिये में छत डाली गई। जिसकी जमीन से लगभग 18 फिट की ऊंचाई बताई जा रही है। रात 8 बजे के आसपास जब कार्य पूरा होने के बाद मिक्चर मशीन खोली जा रही थी तभी छत की शटरिंग एकाएक खुल गई और छत भरभरा कर गिर पड़ी। बताया जा रहा है कि छत पर जहां पांच मजदूर शामिल थे वही मिक्चर मशीन के पास एक दर्जन मजदूर खडे थे। घटना में छत पर खड़े तीन मजदूर घायल हुए। इनमें सुभाष पुत्र बैताली (36वर्ष), अफसर अली पुत्र समी उल्ला (40वर्ष), निवासी सकरा प्रतापगढ़, रवि सरोज पुत्र महेंद्र सरोज (26वर्ष) को तत्काल सीएचसी लाया गया। यहां से गंभीर हालत में रवि को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम लंभुआ गामिनी सिंगला, एसएचओ लंभुआ संदीप राय, एसएचओ चांदा एके सिंह व शिवगढ़ एसओ ज्ञानेश दुबे, एसओ कोतवाली देहात अखंड देव मिश्रा मौके पर पहुंचे। कुछ ही समय में डीएम कुमार हर्ष, एसपी कुंवर अनुपम सिंह, एएसपी अखंड प्रताप सिंह आदि मौके पर पहुंचे। कुछ समय में अमेठी और प्रतापगढ़ के भी कई थानो की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
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करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद एक मजदूर अरुण चौहान पुत्र काशी राम (25 वर्ष) निवासी सूर्यभान पट्टी लंभुआ को मलबे से निकाल कर रात 10:45 पर लंभुआ सीएचसी पहुंचाया गया है। इसी दौरान अयोध्या से पहुंची एसडीआरएफ टीम ने रात 12:30 बजे मजदूर आनंद (23वर्ष) पुत्र गिरिजा शंकर निवासी अर्जुनपुर लंभुआ का शव मलबे से निकाला। इसके कुछ ही समय बाद उसके भाई विक्रम (20वर्ष) का शव भी मलबे से बाहर आया। स्थानीय लोगों के अनुसार शव घटनास्थल पर मसाले के चलते जम गया था, जिसे काफी जद्दोजहद के बाद निकाला जा सका है।
मौके पर मौजूद मजदूर आशीष ने बताया कि 7-8 आदमी दबे थे। पांच आदमी पहले निकाले गए। चार सीएचसी भेजे गए जिनमे से दो हायर सेंटर भेजे गए जबकि एक डायरेक्ट मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। वहीं मजदूर अफसर अली ने बताया कि मशीन खोलने जा रहे थे कि अचानक छत बैठ गई। नीचे हमारी टीम के 12 आदमी थे और शटरिंग वाले चार-पांच आदमी थे। पांच लोग तो ऊपर छत पर ही थे। नीचे कितने थे पता नहीं है।