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छह घंटे चलने के बाद ही बंद हो गई चीनी मिल
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6. सुल्तानपुर में किसान सहकारी चीनी मिल की खराबी के बाद डोंगा में फंसा गन्ना।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। किसान सहकारी चीनी मिल में पेराई सत्र शुभारंभ के पांच दिन बाद संचालित होने के छह घंटे बाद शनिवार को फिर बंद हो गई। मिल के विद्युत उपकरण में खराबी आने से बिजली सप्लाई बाधित हो गई है। चीनी मिल बंद होने से गन्ने की तौल कराने पहुंचे किसान ठंड में परेशान रहे। तौल नहीं होने से मिल पर गन्ने का अंबार लगा है। गन्ना लदी करीब दो सौ ट्रॉलियां मिल के बाहर खड़ी हैं।
करीब डेढ़ अरब घाटे में चल रही किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 29 नवंबर को हुआ था। सोमवार को गेट सेंटर पर गन्ने की कमी की वजह बताकर मिल को शुभारंभ के बाद बंद कर दिया गया था। तभी से इंजीनियर मिल संचालन के लिए मरम्मत कार्य में जुटे थे। गेट पर गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति मिलने के बाद शनिवार को करीब चार बजे चीनी मिल का संचालन शुरू किया गया। गन्ने की पेेराई शुरू ही हुई थी कि रात करीब 10 बजे अचानक मिल बंद हो गई। मिल के बंद होते अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। जांच मिल के विद्युत उपकरण में खराबी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, विद्युत उपकरण में खराबी आने से मिल को बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। अचानक मिल बंद होने से ठंड में गेट पर गन्ना लेकर तौल कराने पहुंचे किसान परेशान हो गए हैं। मिल गेट के बाहर गन्ना लदी करीब दो सौ ट्रैक्टर ट्रॉलियों का जमावड़ा लगा है। इधर, प्रबंधन मिल के मरम्मत कार्य में जुटा है।
मिल पर पहुंचे किसानों ने बताई परेशानी
मिल पर गन्ना लेकर पहुंचे डोडापुर निवासी सरवर अली ने बताया कि मिल में खराबी आने से उनके गन्ने की तौल नहीं हो पाई है। अभी मिल के संचालन का पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में नुकसान की आशंका बनी है। मिल पर ट्रैक्टर से गन्ना लेकर पहुंचे टिहरा गांव निवासी हनुमान वर्मा ने बताया कि गेट पर गन्ना लेकर आए दो दिन हो गया। अभी तक तौल नहीं हो सकी है। गन्ना सूखने से नुकसान उठाना पड़ेगा। हाजीपुर गांव निवासी नीरज वर्मा ने बताया कि चीनी मिल कभी सही नहीं चल पाती है। पिछले साल भी कई बार खराबी आई थी। इसमें किसानों के साथ मिल को भी नुकसान उठाना पड़ता है। समय से गन्ने की पेराई नहीं होने से रबी की बुआई प्रभावित होगी। ममरखा गांव निवासी गन्ना किसान विजय प्रकाश ने बताया कि समय से गन्ने की तौल नहीं होने से गन्ना का वजन कम हो जाता है। साथ ही ट्रैक्टर का भाड़ा ज्यादा देना होता है। अभी मिल कब चलेगी, इसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। ठंड में परेशानी हो रही है।
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जल्द शुरू की जाएगी पेराई
मिल प्रबंधक प्रताप नारायन ने बताया कि कुछ खराबी की वजह से मिल बंद हुई है। इंजीनियर मिल को दुरुस्त करने के प्रयास में लगे हैं। मिल दुरुस्त होते ही पेराई शुरू की जाएगी।
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करीब डेढ़ अरब घाटे में चल रही किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 29 नवंबर को हुआ था। सोमवार को गेट सेंटर पर गन्ने की कमी की वजह बताकर मिल को शुभारंभ के बाद बंद कर दिया गया था। तभी से इंजीनियर मिल संचालन के लिए मरम्मत कार्य में जुटे थे। गेट पर गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति मिलने के बाद शनिवार को करीब चार बजे चीनी मिल का संचालन शुरू किया गया। गन्ने की पेेराई शुरू ही हुई थी कि रात करीब 10 बजे अचानक मिल बंद हो गई। मिल के बंद होते अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। जांच मिल के विद्युत उपकरण में खराबी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, विद्युत उपकरण में खराबी आने से मिल को बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। अचानक मिल बंद होने से ठंड में गेट पर गन्ना लेकर तौल कराने पहुंचे किसान परेशान हो गए हैं। मिल गेट के बाहर गन्ना लदी करीब दो सौ ट्रैक्टर ट्रॉलियों का जमावड़ा लगा है। इधर, प्रबंधन मिल के मरम्मत कार्य में जुटा है।
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मिल पर पहुंचे किसानों ने बताई परेशानी
मिल पर गन्ना लेकर पहुंचे डोडापुर निवासी सरवर अली ने बताया कि मिल में खराबी आने से उनके गन्ने की तौल नहीं हो पाई है। अभी मिल के संचालन का पता नहीं चल पा रहा है। ऐसे में नुकसान की आशंका बनी है। मिल पर ट्रैक्टर से गन्ना लेकर पहुंचे टिहरा गांव निवासी हनुमान वर्मा ने बताया कि गेट पर गन्ना लेकर आए दो दिन हो गया। अभी तक तौल नहीं हो सकी है। गन्ना सूखने से नुकसान उठाना पड़ेगा। हाजीपुर गांव निवासी नीरज वर्मा ने बताया कि चीनी मिल कभी सही नहीं चल पाती है। पिछले साल भी कई बार खराबी आई थी। इसमें किसानों के साथ मिल को भी नुकसान उठाना पड़ता है। समय से गन्ने की पेराई नहीं होने से रबी की बुआई प्रभावित होगी। ममरखा गांव निवासी गन्ना किसान विजय प्रकाश ने बताया कि समय से गन्ने की तौल नहीं होने से गन्ना का वजन कम हो जाता है। साथ ही ट्रैक्टर का भाड़ा ज्यादा देना होता है। अभी मिल कब चलेगी, इसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। ठंड में परेशानी हो रही है।
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जल्द शुरू की जाएगी पेराई
मिल प्रबंधक प्रताप नारायन ने बताया कि कुछ खराबी की वजह से मिल बंद हुई है। इंजीनियर मिल को दुरुस्त करने के प्रयास में लगे हैं। मिल दुरुस्त होते ही पेराई शुरू की जाएगी।