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चीनी मिल कर्मियों को 26 माह से नहीं मिला वेतन
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सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। जर्जर संसाधनों के सहारे चल रही चीनी मिल के 385 कर्मचारियों को 26 माह से वेतन के लाले पड़े हैं। कर्मचारियों के वेतन के 14 करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान मिल प्रबंधन नहीं कर रहा है। कर्मचारी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। कई कर्मचारियों की बेटी की शादी की तैयारी में बाधा पहुंच रही है। पिछले दिनों कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल सीएम योगी आदित्यनाथ से भी बकाया वेतन की मांग को मिला था, लेकिन वहां से भी आश्वासन ही मिल सका।
क्षेत्र के ग्राम सैदपुर में स्थित चीनी मिल में कार्य करने वाले 385 कर्मियों में 225 स्थाई एवं सीजनल और 160 संविदा व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी शामिल हैं। इंजीनियरिंग, मेन्यूफैक्चरिंग व गन्ना विभाग के इन कर्मचारियों को 26 महीने से बकाया वेतन नहीं मिला है। चीनी मिल कर्मचारी कई बार धरना-प्रदर्शन के माध्यम से बकाया वेतन दिलाए जाने की मांग शासन व प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। चीनी मिल का प्रतिनिधिमंडल कई बार जिले के आला अधिकारियों से वेतन दिलाए जाने की मांग कर चुका है।
पिछले दिनों चीनी मिल कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बकाया वेतन की मांग को मिला था, लेकिन वहां से भी आश्वासन ही मिला। बकाया वेतन नहीं मिलने से कई चीनी मिल कर्मी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। कई चीनी मिल कर्मियों की बेटी की शादी की तैयारी में बाधा पहुंच रही है। कर्मचारियों को कई अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
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कैसे करेंगे बेटियों की शादी
चीनी मिल कर्मी राम गोविंद यादव ने बताया आगामी जून माह में उनकी बेटी की शादी तय है लेकिन अभी तक बकाया वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मिल कर्मी मेलडी ने बताया कि उनकी बेटी की भी शादी जून माह में तय है। बकाया वेतन के लिए कई बार मांग करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मिल कर्मी लल्लन सिंह वर्ष 2020 में रिटायर हुए लेकिन उनकी ग्रेच्युटी व सामूहिक बीमा के रुपये और वेतन अभी तक नहीं मिला है। उनकी बेटी की शादी जून माह में तय है। रुपयों के अभाव में शादी की तैयारी में बाधा पहुंच रही है।
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क्षेत्र के ग्राम सैदपुर में स्थित चीनी मिल में कार्य करने वाले 385 कर्मियों में 225 स्थाई एवं सीजनल और 160 संविदा व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी शामिल हैं। इंजीनियरिंग, मेन्यूफैक्चरिंग व गन्ना विभाग के इन कर्मचारियों को 26 महीने से बकाया वेतन नहीं मिला है। चीनी मिल कर्मचारी कई बार धरना-प्रदर्शन के माध्यम से बकाया वेतन दिलाए जाने की मांग शासन व प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। चीनी मिल का प्रतिनिधिमंडल कई बार जिले के आला अधिकारियों से वेतन दिलाए जाने की मांग कर चुका है।
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पिछले दिनों चीनी मिल कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बकाया वेतन की मांग को मिला था, लेकिन वहां से भी आश्वासन ही मिला। बकाया वेतन नहीं मिलने से कई चीनी मिल कर्मी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। कई चीनी मिल कर्मियों की बेटी की शादी की तैयारी में बाधा पहुंच रही है। कर्मचारियों को कई अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
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कैसे करेंगे बेटियों की शादी
चीनी मिल कर्मी राम गोविंद यादव ने बताया आगामी जून माह में उनकी बेटी की शादी तय है लेकिन अभी तक बकाया वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मिल कर्मी मेलडी ने बताया कि उनकी बेटी की भी शादी जून माह में तय है। बकाया वेतन के लिए कई बार मांग करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मिल कर्मी लल्लन सिंह वर्ष 2020 में रिटायर हुए लेकिन उनकी ग्रेच्युटी व सामूहिक बीमा के रुपये और वेतन अभी तक नहीं मिला है। उनकी बेटी की शादी जून माह में तय है। रुपयों के अभाव में शादी की तैयारी में बाधा पहुंच रही है।