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चीनी मिल पर किसानों के 13 करोड़ रुपये बकाया
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सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल पर गन्ना बेचने वाले किसानों के 13 करोड़ 40 लाख रुपये बकाया हो गए हैं। 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान करने का सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए किसान परेशान हैं। गन्ना मूल्य का भुगतान समय से नहीं होने के कारण किसानों के खेती-किसानी व अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किसान सहकारी चीनी मिल में दो दिसंबर 2021 को गन्ने की पेराई शुरू हुई थी। 16 मार्च तक पेराई करने के बाद मिल बंद हो गई। इस दौरान मिल ने 24 करोड़ 60 लाख 72 हजार रुपये कीमत का गन्ना जिले के किसानों से खरीदा था। इसमें से चीनी मिल ने केवल 11 करोड़ 20 लाख नौ हजार रुपये का भुगतान किसानों को किया है। 19 जनवरी 2022 तक का भुगतान किसानों के खाते में भेजा गया है। अभी भी चीनी मिल पर किसानों का 13 करोड़ 40 लाख 63 हजार रुपये बकाया चल रहा है।
सरकार का 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। पैसों के अभाव में उनकी खेती किसानी का कार्य चौपट हो रहा है। गन्ना किसानों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। किसानों का गन्ने की खेती से मोहभंग हो रहा है।
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किसान सहकारी चीनी मिल में दो दिसंबर 2021 को गन्ने की पेराई शुरू हुई थी। 16 मार्च तक पेराई करने के बाद मिल बंद हो गई। इस दौरान मिल ने 24 करोड़ 60 लाख 72 हजार रुपये कीमत का गन्ना जिले के किसानों से खरीदा था। इसमें से चीनी मिल ने केवल 11 करोड़ 20 लाख नौ हजार रुपये का भुगतान किसानों को किया है। 19 जनवरी 2022 तक का भुगतान किसानों के खाते में भेजा गया है। अभी भी चीनी मिल पर किसानों का 13 करोड़ 40 लाख 63 हजार रुपये बकाया चल रहा है।
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सरकार का 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। पैसों के अभाव में उनकी खेती किसानी का कार्य चौपट हो रहा है। गन्ना किसानों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। किसानों का गन्ने की खेती से मोहभंग हो रहा है।
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