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36 घंटे बाद भी नहीं डोला चीनी मिल का पहिया
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सुल्तानपुर। किसान सहकारी चीनी मिल का पहिया 36 घंटे के बाद भी नहीं डोला। बॉयलर की ट्यूब में आई खराबी दूर नहीं होने से गन्ना किसान कड़ाके की ठंड व बूंदाबांदी में परेशान हो गए हैं। उनके सामने ट्रैक्टर ट्रॉलियों की रखवाली मुसीबत बनी है।
जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल शुक्रवार की भोर में बॉयलर की ट्यूब में खराबी आने से बंद हो गई थी। करीब 36 घंटा बीतने के बावजूद किसान सहकारी चीनी मिल चालू नहीं हो सकी है। चीनी मिल की तकनीकी खामियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। मिल चालू नहीं होने से गन्ना किसानों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। मिल परिसर में गन्ना लदी ट्रॉलियों की कतारें लग गई हैं। गन्ना किसान चार दिनों से खराब चल रहे मौसम में बूंदाबांदी व कड़ाके की ठंड के बीच परेशान हो गए हैं। उन्हें बारिश के बीच रातें गुजारनी पड़ रही हैं। गन्ना समिति के अशोक वर्मा ने किसानों के लिए मिल परिसर में छाया का बंदोबस्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की ओर से इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। मिल प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया कि मिल को दुरुस्त कराने का प्रयास चल रहा है। जल्द ही मिल में गन्ने की पेराई शुरू करा दी जाएगी।
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जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल शुक्रवार की भोर में बॉयलर की ट्यूब में खराबी आने से बंद हो गई थी। करीब 36 घंटा बीतने के बावजूद किसान सहकारी चीनी मिल चालू नहीं हो सकी है। चीनी मिल की तकनीकी खामियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। मिल चालू नहीं होने से गन्ना किसानों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। मिल परिसर में गन्ना लदी ट्रॉलियों की कतारें लग गई हैं। गन्ना किसान चार दिनों से खराब चल रहे मौसम में बूंदाबांदी व कड़ाके की ठंड के बीच परेशान हो गए हैं। उन्हें बारिश के बीच रातें गुजारनी पड़ रही हैं। गन्ना समिति के अशोक वर्मा ने किसानों के लिए मिल परिसर में छाया का बंदोबस्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की ओर से इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। मिल प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया कि मिल को दुरुस्त कराने का प्रयास चल रहा है। जल्द ही मिल में गन्ने की पेराई शुरू करा दी जाएगी।
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