फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   sugar mill

150 करोड़ के घाटे में पहुंची किसान सहकारी चीनी मिल

Sat, 02 Oct 2021 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 11:36 PM IST
विज्ञापन
sugar mill
किसान सहकारी चीनी मिल। - फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। किसान सहकारी चीनी मिल का घाटा वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है। स्थापना के समय लिया गया लोन (कर्ज) नहीं अदा कर पाने से ब्याज समेत लोन बढ़कर 150 करोड़ के करीब पहुंच गया है। मिल जर्जर हालत में पहुंचने से पेराई क्षमता भी घट गई है। इसे देखते हुए अब कर्ज अदा होने के आसार कम होने लगे हैं।
विज्ञापन

फरवरी 1984 में स्थापित किसान सहकारी चीनी मिल की नींव वर्ष 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार उसी समय मिल की स्थापना के लिए लोन लिया गया था। इसके बाद गन्ना खरीद के लिए भी लोन लिया गया। मिल का संचालन शुरू होने के बाद लोन की तरफ अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से लोन पर ब्याज धीरे-धीरे बढ़ता गया। धीरे-धीरे मिल जर्जर अवस्था में पहुंच गई। मिल के जर्जर हालत में पहुंचने के बाद अब प्रतिवर्ष उसके संचालन का भार बढ़ गया। संचालन का भार सरकार की ओर से प्रतिवर्ष उठाए जाने के बाद भी मिल फायदे में नहीं पहुंच पा रही है।
विज्ञापन

इसके पीछे पेराई क्षमता का कमी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार किसान सहकारी चीनी मिल से बनने वाली चीनी में भी मिल को घाटा उठाना पड़ रहा है। घाटे से गन्ना किसानों के भुगतान का भी बोझ सरकार पर पड़ रहा है। मिल के जर्जर हालत में पहुंचने से स्थापना के समय लिया गया कर्ज का भुगतान अभी तक नहीं किया जा सका है। नतीजा हुआ कि ब्याज समेत लोन बढ़कर 150 करोड़ के करीब पहुंच गया है। कर्ज बढ़ने व मिल जर्जर होने से अब मिल तकरीबन पूरी तरह से सरकार पर निर्भर हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब डेढ़ सौ करोड़ के घाटे में चल रही किसान सहकारी चीनी मिल पर अभी गन्ना किसानों का करीब 76 लाख रुपये बकाया है। पिछले दिनों सरकार की ओर से करीब एक करोड़ का भुगतान किया था। इसके बाद भी अभी गन्ना किसानों का बकाया रह गया है। मल प्रबंधक प्रताप नारायण का कहना है कि मिल को घाटे से उबारने का प्रयास किया जा रहा हैै। पेराई क्षमता में बढ़ोतरी हो जाने पर घाटे से उबारने में सहूलियत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed