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Sultanpur News: 5.36 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर बंद हुई चीनी मिल
Sat, 22 Feb 2025 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 22 Feb 2025 11:14 PM IST
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द्वारिकागंज (सुल्तानपुर)। किसान सहकारी चीनी मिल के वर्तमान पेराई सत्र का शनिवार को समापन हो गया। इस दौरान चीनी मिल में पांच लाख 36 हजार छह 650 क्विंटल गन्ने की पेराई की गई और 41 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया। इस बार चीनी मिल का पेराई सत्र मात्र 70 दिन ही चल सका। पिछले साल की तुलना में इस बार तीन लाख क्विंटल गन्ना पेराई कम हो गई।
किसान सहकारी चीनी मिल का शुभारंभ 12 दिसंबर को किया गया था। वर्तमान पेराई सत्र में चीनी मिल करीब 160 घंटे तक तकनीकी खराबी व गन्ने के अभाव में बंद रही। चीनी मिल ने वर्तमान पेराई सत्र में 19 करोड़ 83 लाख 61 हजार रुपये का गन्ना खरीदा। इसके सापेक्ष 13 करोड़ 25 लाख 61 हजार रुपये का भुगतान किसानों का कर दिया गया है। प्रधान प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद के अनुसार शेष भुगतान के लिए प्रयास किया जा रहा है।
चार गन्ना क्रय केंद्रों के बाहर होने से पेराई पर पड़ा प्रभाव
द्वारिकागंज। चीनी मिल से संबद्ध चार गन्ना क्रय केंद्रों के बाहर होने से चीनी मिल पर प्रभाव पड़ा। धनपतगंज और पटना गन्ना क्रय केंद्र को शासन ने मोतीनगर मसौधा अयोध्या और सेमरी व विरसिंहपुर गन्ना क्रय केंद्रों को मिझौड़ा चीनी मिल अंबेडकर नगर से संबद्ध कर दिया था। करीब 900 हेक्टेयर गन्ने का रकबा कम हो गया। नतीजा यह हुआ कि चीनी मिल पिछले वर्ष की तुलना में कम गन्ने की पेराई कर सकी।
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किसान सहकारी चीनी मिल का शुभारंभ 12 दिसंबर को किया गया था। वर्तमान पेराई सत्र में चीनी मिल करीब 160 घंटे तक तकनीकी खराबी व गन्ने के अभाव में बंद रही। चीनी मिल ने वर्तमान पेराई सत्र में 19 करोड़ 83 लाख 61 हजार रुपये का गन्ना खरीदा। इसके सापेक्ष 13 करोड़ 25 लाख 61 हजार रुपये का भुगतान किसानों का कर दिया गया है। प्रधान प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद के अनुसार शेष भुगतान के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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चार गन्ना क्रय केंद्रों के बाहर होने से पेराई पर पड़ा प्रभाव
द्वारिकागंज। चीनी मिल से संबद्ध चार गन्ना क्रय केंद्रों के बाहर होने से चीनी मिल पर प्रभाव पड़ा। धनपतगंज और पटना गन्ना क्रय केंद्र को शासन ने मोतीनगर मसौधा अयोध्या और सेमरी व विरसिंहपुर गन्ना क्रय केंद्रों को मिझौड़ा चीनी मिल अंबेडकर नगर से संबद्ध कर दिया था। करीब 900 हेक्टेयर गन्ने का रकबा कम हो गया। नतीजा यह हुआ कि चीनी मिल पिछले वर्ष की तुलना में कम गन्ने की पेराई कर सकी।
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