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Sultanpur News: प्रधानाध्यापिका कांति सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार
Sat, 02 Sep 2023 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 02 Sep 2023 12:01 AM IST
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सुल्तानपुर। अपनी मेहनत और लगन से विद्यालय को पहचान दिलाने वाली कांति सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री उन्हें लखनऊ में सम्मानित करेंगे।
दोस्तपुर विकास क्षेत्र के खालिसपुर दुर्गा छीतेपट्टी गांव निवासी कांति सिंह ने वर्ष 2009 तक शिक्षामित्र रहने के बाद 04 जुलाई 2011 से प्राथमिक विद्यालय गोसैसिंहपुर में सहायक अध्यापक का जिम्मा संभाला। फिर प्रमोशन पाकर प्राथमिक विद्यालय वैदहा में प्रधानाध्यापिका बनीं। जब वे इस स्कूल में आईं तो यहां बाउंड्री तक नहीं थी। प्रसाधन भी खराब पड़ा था।
ग्राम प्रधान के सहयोग से उन्होंने भौतिक संसाधन ठीक कराए फिर शैक्षिक स्तर बेहतर करने के लिए प्राेजेक्टर से पढ़ाई शुरू कराई। धीरे-धीरे छात्र संख्या बढ़ती गई। विद्यार्थियों की संख्या 192 से बढ़कर 285 तक हो गई। कला और खेल में भी स्कूल के बच्चे अग्रणी रहे।
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जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में वैदहा के विद्यार्थियों ने मेडल अर्जित किए। कांति सिंह कहती हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी बच्चों को हर स्तर पर मदद की जाती है। इसी योगदान को देखते हुए उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
जीजीआईसी के शैलेंद्र चतुर्वेदी और बबिता जैन भी होंगी सम्मानित
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए माध्यमिक स्तर पर जिले के दो शिक्षक चयनित हुए हैं। दोनों केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अध्यापनरत हैं। बबिता जैन को संगीत के क्षेत्र और शैलेंद्र चतुर्वेदी को विज्ञान के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलेगा। शैलेंद्र चतुर्वेदी प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं।
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दोस्तपुर विकास क्षेत्र के खालिसपुर दुर्गा छीतेपट्टी गांव निवासी कांति सिंह ने वर्ष 2009 तक शिक्षामित्र रहने के बाद 04 जुलाई 2011 से प्राथमिक विद्यालय गोसैसिंहपुर में सहायक अध्यापक का जिम्मा संभाला। फिर प्रमोशन पाकर प्राथमिक विद्यालय वैदहा में प्रधानाध्यापिका बनीं। जब वे इस स्कूल में आईं तो यहां बाउंड्री तक नहीं थी। प्रसाधन भी खराब पड़ा था।
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ग्राम प्रधान के सहयोग से उन्होंने भौतिक संसाधन ठीक कराए फिर शैक्षिक स्तर बेहतर करने के लिए प्राेजेक्टर से पढ़ाई शुरू कराई। धीरे-धीरे छात्र संख्या बढ़ती गई। विद्यार्थियों की संख्या 192 से बढ़कर 285 तक हो गई। कला और खेल में भी स्कूल के बच्चे अग्रणी रहे।
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जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में वैदहा के विद्यार्थियों ने मेडल अर्जित किए। कांति सिंह कहती हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी बच्चों को हर स्तर पर मदद की जाती है। इसी योगदान को देखते हुए उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
जीजीआईसी के शैलेंद्र चतुर्वेदी और बबिता जैन भी होंगी सम्मानित
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए माध्यमिक स्तर पर जिले के दो शिक्षक चयनित हुए हैं। दोनों केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अध्यापनरत हैं। बबिता जैन को संगीत के क्षेत्र और शैलेंद्र चतुर्वेदी को विज्ञान के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलेगा। शैलेंद्र चतुर्वेदी प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं।